रामगढ़ से संजय जायसवाल की रिपोर्ट :
CID Inspector Rajesh Kumar Singh Death : रामगढ़ की मिट्टी से निकले उत्तर प्रदेश पुलिस के जांबाज अधिकारी और वर्तमान में सीआईडी लखनऊ में पदस्थापित इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे. दिल्ली के एक अस्पताल में लंबे समय से चल रहे इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर मिलते ही रामगढ़ सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ पड़ी.
कई महत्वपूर्ण जिलों में दीं सेवाएं
हर किसी की जुबान पर उनके साहस, ईमानदारी और मानवीय व्यवहार की चर्चा रही. वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़ और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण जिलों में अपनी सेवाएं देने वाले राजेश अपनी कर्तव्यनिष्ठा के लिए जाने जाते थे.
काल भैरव की तस्वीर रखकर चलाया था थाना
वाराणसी कोतवाली के प्रभारी बनने के बाद उन्होंने अपनी कुर्सी पर स्वयं बैठने के बजाय काशी के कोतवाल बाबा काल भैरव की तस्वीर स्थापित कर थाना चलाया था. उनका यह अनूठा निर्णय देशभर में चर्चा का विषय बना और सोशल मीडिया से लेकर राष्ट्रीय चैनलों तक खूब सुर्खियां बटोरीं. पुलिस विभाग में वह साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल थे.
दो बार मिली थी SOG की कमान
बेहतरीन पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण की क्षमता को देखते हुए यूपी पुलिस ने उन्हें आजमगढ़ जैसे संवेदनशील जिले की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) का प्रभारी दो बार बनाया था. अपने कार्यकाल में उन्होंने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर विभाग का गौरव बढ़ाया था.
पत्नी की मौत से सदमे में थे इंस्पेक्टर
छह माह पूर्व पत्नी की लंबी बीमारी के बाद निधन होने से वह इस गहरे सदमे से उबर नहीं सके थे. इसके बाद उनकी सेहत लगातार बिगड़ती चली गई और पिछले डेढ़ माह से दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था. आखिरकार जिंदगी की जंग लड़ते हुए उन्होंने दम तोड़ दिया. मां के निधन के बाद अब पिता को भी खो देने से उनके दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है.
पार्थिव शरीर दिल्ली से कैमूर के लिए रवाना
शिक्षा विभाग से प्रधानाध्यापक पद से रिटायर्ड पिता ईश्वरदयाल सिंह नौजवान बेटे की असामयिक मौत से बेहद आहत हैं. खबर लिखे जाने तक उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से एंबुलेंस द्वारा रामगढ़ के लिए रवाना हो चुका था.
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