ठंड ने तोड़ा 10 साल का रिकॉर्ड, शहर से गांव तक जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त

सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार, अधिकतम पारा भी आया 20 से नीचे ठंड की प्रचंडता से मात्र तीन दिन में बिक गये बाजार से चार लाख के कंबल टोपी, दस्ताने व मफलर बिक रहे ऊंची कीमत पर भभुआ सदर : पिछले कुछ दिनों से जारी ठंड का असर शुक्रवार को और बढ़ गया और ठंड […]

सबसे ठंडा दिन रहा शुक्रवार, अधिकतम पारा भी आया 20 से नीचे

ठंड की प्रचंडता से मात्र तीन दिन में बिक गये बाजार से चार लाख के कंबल
टोपी, दस्ताने व मफलर बिक रहे ऊंची कीमत पर
भभुआ सदर : पिछले कुछ दिनों से जारी ठंड का असर शुक्रवार को और बढ़ गया और ठंड के इस मौसम ने शुक्रवार को 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसके चलते शुक्रवार अब तक का सबसे ठंडा दिन भी रहा. दोपहर बाद कुछ देर के लिए हल्की धूप निकली. इसके बावजूद पूरे दिन सर्द हवाओं के कारण गलन बढ़ने से लोगों की कंपकंपी छूटती रही. शुक्रवार को न्यूनतम पारा जहां छह डिग्री के आसपास रहा, तो अधिकतम पारा भी 20 से नीचे आते हुए 18 डिग्री पर आ गया और आद्रता 76 से 82 फीसदी के बीच रही. सर्द हवाओं के कारण बढ़ी ठंड का असर बाजारों पर भी पड़ा और मात्र तीन दिन में ही बाजार में चार लाख के कंबल बिक गये.
भारी ठंड की मार ऐसी पड़ी कि बाजार में टोपी, मफलर और दस्ताना भी बाजार से उड़ गये और स्थिति ऐसी हुई कि ठंड से बेचनेवाली ये छोटी चीजें भी अब ब्लैक में बिकने लगी हैं. उधर, ठंड से बचने के लिए लोग शुक्रवार को दिन में ही अलाव जला कर तापते रहे. दुकानों में काम करनेवाले ठंड से बचने के लिए गत्ता, कागज आदि जला कर अपना शरीर सेंकने के मजबूर हो गये. लंबे समय के सर्द-गर्म के असमंजस के बाद मौसम में ठंड का प्रभाव बढ़ता जा रहा है. दिन-प्रतिदिन तापमान के गिरने का सिलसिला जारी है. शुक्रवार को न्यूनतम तापमान करीब एक डिग्री और गिर गया, जिसके चलते वातावरण में गलन महसूस की गयी. उधर, वातावरण में नमी की वजह से कोहरे का प्रभाव भी कम होने का नाम नहीं ले रहा है. सुबह और शाम कोहरे की वजह से सड़क पर चलना दूभर हो गया है.
अभी और गिरेगा तापमान : मौसम विशेषज्ञों की माने तो उत्तर-पश्चिम में मौजूद पहाड़ों की ओर से चलनेवाली हवाओं की वजह से मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ी है. हवाओं में काफी अधिक नमी होने के कारण वातावरण में घना कोहरा छा जा रहा है. पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में ठंड अभी और बढ़ेगी. ऐसे में ठंड का प्रकोप अभी एक सप्ताह तक जारी रह सकता है.
ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ी : पिछले एक सप्ताह से ठंड बढ़ने के साथ ही ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ती जा रही है. कपड़ों की दुकानों पर गर्म कपड़े खरीदनेवालों की भीड़ उमड़ रही है. दुकानदार भी इस बात का उम्मीद लगाये बैठे हैं कि अचानक लौटी ठंड के इस मौसम में ऊनी कपड़ों की जम कर बिक्री होगी. दुकानों पर गर्म कपड़ों के लिए उमड़ रही लोगों की भीड़ से दुकानदार उत्साहित हैं.
इस समय ब्लोअर व हीटर की हो रही जम कर खरीदारी
बीते एक सप्ताह से कंपकंपाती ठंड की वजह से इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री बढ़ गयी है. बाजार से मिली जानकारी के अनुसार, लोग ब्लोअर, क्वार्टज हीटर, हैलोजन हीटर, लोकल हीटर सहित गर्मी पाने के लिए कई प्रकार के उपकरण की खरीदारी कर रहे हैं. जय प्रकाश चौक रोड स्थित किंग इलेक्ट्रॉनिक्स के विक्रेता वीरेंद्र कुमार ने बताया है कि बाजार में इस साल हैलोजन हीटर की मांग अधिक है. बीते तीन से चार दिन में ही कई सामान बेच चुके हैं. वहीं बाजार के प्रमुख विक्रेताओं से मिली जानकारी के अनुसार, अब तक करीब तीन हजार से अधिक हीटर व ब्लोअर बाजार से लोगों ने बीते तीन दिन में खरीदारी की है.
सदर अस्पताल में मरीज हुए कम
शुक्रवार को ठंड ने पिछले 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है. कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अमित कुमार ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से रिकॉर्ड तोड़ ठंड ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. इसका सीधा असर स्कूल से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों पर देखने को मिला. शुक्रवार को सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी कम दिखी. आउटडोर में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ सिद्धार्थ राज सिंह व महिला चिकित्सक डॉ किरण सिंह ने बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से दिन भर में करीब 100 से सवा सौ तक ही मरीज अस्पताल आ रहे हैं. जबकि, एक सप्ताह पूर्व प्रतिदिन 250 तक मरीज चिकित्सा के लिए आते थे. एकाएक ठंड के बढ़ जाने से मरीजों की संख्या में कमी आयी है. चिकित्सकों की माने तो ठंड के मौसम में बीमारी कम होती है. खास कर जितने भी मरीजों को देखा जा रहा है, उनमें अधिकांश सर्दी, खांसी, बुखार के अलावा दमा के मरीज आते हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >