भूमि और भवन की कुल राशि 63 लाख 27 हजार 39 रुपये विद्यालय प्रशासन को एनएचएआइ कर चुका है भुगतान
मोहनिया नगर : बेलौड़ी पंचायत के एनएच दो स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बरेज के भवन को तोड़ने के लिए एनएचएआइ बार-बार विद्यालय प्रशासन को सूचना दे रहा है, लेकिन इस बात पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 352 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं. बिना उनके लिए कहीं भवन निर्माण कराये बगैर कैसे भवन टूट सकता है.
अगर विद्यालय भवन टूटेगा, तो बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह बाधित हो जायेगी. विद्यालय भवन टूटने को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार की दोपहर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित होकर बैठक की, जिसमें सभी ने अपना विचार व्यक्त किया. हालांकि, इस बैठक में शिक्षा विभाग का कोई भी अधिकारी शामिल नहीं रहा.
गौरतलब है कि सिक्स लेन का निर्माण करा रही सोमा कंपनी के एनएच दो स्थित बरेज गांव के समीप उत्क्रमित मध्य विद्यालय बरेज जिसमें एक से आठ तक के बच्चे पढ़ते हैं, जिसमें कुल 352 बच्चे पढ़ाई करते हैं. विद्यालय की कुल भूमि 33 डिसमिल है, जिसमें से एनएचएआइ ने लगभग 20 डिसमिल भूमि अधिकृत की गयी है, जिसकी कीमत एनएचएआइ ने 49 लाख 67 हजार 870 रुपये मुआवजा दिया है और भवन निर्माण के लिए 13 लाख 59 हजार 169 रुपये, लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग विद्यालय बनवाने के लिए सरकारी भूमि नहीं खोज सका है. वहीं एनएचएआइ विद्यालय भवन तोड़ने के लिए बार बार विद्यालय खाली कराने को कह रहा है.
क्या कहते हैं जिला शिक्षा पदाधिकारी
उपरोक्त मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी रामराज प्रसाद ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है. इसकी सूचना वरीय अधिकारियों दी जायेगी. साथ ही विद्यालय प्रबंधन के साथ भी इस पर बात की जायेगी.
क्या कहते हैं प्रधानाध्यापक
इस संबंध में विद्यालय के प्रधानाध्यापक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि एनएचआइ भवन निर्माण के लिए जो राशि विद्यालय प्रशासन को दे रहा है, वह बहुत ही कम है और विद्यालय का आधा जमीन एनएचएआइ खरीद रहा है और आधा छोड़ रहा है, तो इस जमीन का क्या होगा, उसे भी एक्वायर(खरीद) कर लें.
क्या कहते हैं डीएम
इस संदर्भ में डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि उक्त मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है. इसके साथ ही बच्चों का पठन पाठन भी बाधित न हो और एनएच का निर्माण कार्य भी न रूके इन दोनों के बीच का रास्ता निकाल कर कार्रवाई की जायेगी. एनएच के निर्माण के लिए स्कूल को तोड़ना अनिवार्य होगा, तो दूसरे जगह स्कूल के निर्माण होने तक उक्त स्कूल के बच्चों को नजदीकी स्कूल से टैग कर दिया जायेगा.
