jehanabad News : कलेर में वैक्सीनेशन कर्मियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से क्षेत्र में पशुओं के खुरपका-खुरहा टीकाकरण अभियान पूरी तरह प्रभावित हो गया है. हड़ताल के कारण पशुपालन विभाग का टीकाकरण कार्य फिलहाल बंद है, जिससे पशुपालकों के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की भी चिंता बढ़ गई है.
45 दिनों में पूरा होना था अभियान
जानकारी के अनुसार, सरकार ने पशुओं को संक्रामक रोगों से बचाने के लिए 2 जुलाई से विशेष टीकाकरण अभियान शुरू किया था. अभियान को 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन वैक्सीनेशन कर्मियों की हड़ताल के कारण यह बीच में ही ठप पड़ गया. इससे बड़ी संख्या में पशु अब तक टीकाकरण से वंचित हैं.
'पशु मित्र' का दर्जा देने की मांग
हड़ताली वैक्सीनेशन कर्मियों का कहना है कि वे पूरे वर्ष विभिन्न टीकाकरण अभियानों में अपनी सेवाएं देते हैं. पहले उन्हें कार्य के आधार पर मानदेय दिया जाता था, लेकिन अब वे स्वयं को नियमित कर 'पशु मित्र' का दर्जा और नियमित मानदेय देने की मांग कर रहे हैं. उनका आरोप है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है.
बरसात में बढ़ जाता है संक्रामक रोगों का खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार बरसात के मौसम में पशुओं में खुरपका-खुरहा सहित कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. जून, जुलाई और अगस्त में गंदगी और नमी के कारण संक्रमण तेजी से फैल सकता है. ऐसे समय पर समयबद्ध टीकाकरण जरूरी होता है, ताकि पशुओं को बीमारी से बचाया जा सके और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े.
हड़ताल खत्म होते ही फिर शुरू होगा अभियान
उसरी पशु चिकित्सालय के प्रभारी पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अतहर इमाम ने बताया कि सरकार के निर्देश पर 2 जुलाई से टीकाकरण अभियान शुरू किया गया था, लेकिन वैक्सीनेशन कर्मियों की हड़ताल के कारण इसे फिलहाल स्थगित करना पड़ा है. उन्होंने कहा कि हड़ताल समाप्त होते ही अभियान दोबारा शुरू कर दिया जाएगा. साथ ही पशुपालकों से पशुओं की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय से संपर्क करने की अपील की.
