जहानाबाद सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों की हड़ताल खत्म, वेतन और पीएफ भुगतान के आश्वासन के बाद काम पर लौटे

जहानाबाद सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने बकाया वेतन और 28 महीने से पीएफ जमा न होने के विरोध में हड़ताल की थी. स्वास्थ्य विभाग के आश्वासन के बाद सुरक्षा कर्मी काम पर लौट आए हैं, लेकिन इससे करीब पांच घंटे तक अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित रही.

Jehanabad News: बकाया वेतन की मांग और 28 महीने से प्रोविडेंट फंड खाते में राशि जमा नहीं किए जाने के विरोध में सदर अस्पताल के सुरक्षा गार्ड बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए थे. हालांकि स्वास्थ्य विभाग के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) खालिद हुसैन के आश्वासन के बाद सुरक्षा कर्मी पुनः अपने काम पर लौट आए. इस दौरान करीब पांच घंटे तक सदर अस्पताल में सुरक्षा गार्ड अनुपस्थित रहे.

बकाया वेतन और पीएफ को लेकर शुरू हुई हड़ताल

सदर अस्पताल में निजी एजेंसी के माध्यम से कार्यरत सुरक्षा गार्डों ने बुधवार को हड़ताल पर जाने की घोषणा कर दी थी. सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि उन्हें दो महीने से वेतन नहीं मिला है, जबकि 28 महीने से उनके प्रोविडेंट फंड खाते में राशि जमा नहीं की गई है.

फरवरी में भी अधिकारियों से की थी शिकायत

सुरक्षा गार्डों ने बताया कि प्रोविडेंट फंड की राशि जमा कराने को लेकर वे फरवरी महीने में सिविल सर्जन से मिले थे. उस समय उन्हें तीन महीने का समय मांगा गया था. लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी पीएफ की राशि खाते में जमा नहीं कराई गई और वेतन का भुगतान भी लंबित है.

डीपीएम ने प्रतिनिधियों से की बातचीत

सुरक्षा गार्डों के हड़ताल पर जाने की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के डीपीएम खालिद हुसैन ने सुरक्षा कर्मियों के प्रतिनिधियों से बातचीत की. उन्होंने सुरक्षा गार्डों को दो दिनों के भीतर बकाया वेतन का भुगतान करने और पीएफ की राशि खाते में जमा कराने का आश्वासन दिया.

आश्वासन के बाद काम पर लौटे सुरक्षा गार्ड

सुरक्षा गार्ड वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डीपीएम के आश्वासन के बाद सभी सुरक्षा कर्मियों ने हड़ताल समाप्त कर दी और अपने कार्य पर लौट आए. हालांकि इस दौरान करीब पांच घंटे तक सदर अस्पताल में एक भी सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, जिससे सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित रही.


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Sanjay Anurag

Published by: Nikhil Anurag

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >