विजय यादव हत्याकांड: बेटे लोकनाथ यादव की हत्या के फरार आरोपितों पर पुलिस की कार्रवाई, 24 घंटे में हुई कुर्की

परसोना गांव में विजय यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने हत्या के 24 घंटे के भीतर आरोपियों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की, लेकिन परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

Vijay Yadav Murder Case: वाणावर पर्यटन थाना क्षेत्र के परसोना गांव में विजय यादव की हत्या के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं. सोमवार की शाम गेहूं पिसवाकर घर लौट रहे विजय यादव की बदमाशों ने डकरा मोड़ के समीप गर्दन में गोली मारकर हत्या कर दी थी.

इस घटना के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने विजय यादव के पुत्र लोकनाथ यादव हत्याकांड में फरार चल रहे चार नामजद आरोपितों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की.

हालांकि पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मृतक के परिजनों में आक्रोश और दर्द दोनों देखने को मिल रहा है.

परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही का आरोप

परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने डेढ़ वर्ष पहले ही फरार आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की होती, तो आज विजय यादव की हत्या नहीं होती.

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही और समय पर कार्रवाई नहीं होने के कारण अपराधियों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने लोकनाथ यादव हत्याकांड के मुख्य गवाह विजय यादव को भी रास्ते से हटा दिया.

जमीनी विवाद में हुई थी लोकनाथ यादव की हत्या

बताया जाता है कि 4 जनवरी 2025 को जमीनी विवाद में विजय यादव के 24 वर्षीय पुत्र लोकनाथ यादव की घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

इस मामले में वाणावर पर्यटन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने इस कांड में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया था, जबकि सत्येंद्र यादव, जितेंद्र यादव, सूबेलाल यादव और उपेंद्र यादव सहित चार नामजद अभियुक्त लगातार फरार चल रहे थे.

विजय यादव थे मामले के मुख्य गवाह

परिजनों के अनुसार लोकनाथ यादव हत्याकांड में विजय यादव मुख्य गवाह थे. उनका आरोप है कि गवाही रुकवाने के उद्देश्य से ही अपराधियों ने विजय यादव की हत्या की साजिश रची.

सोमवार को जब विजय यादव गेहूं पिसवाकर घर लौट रहे थे, तभी पहले से घात लगाए अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी. गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गयी.

हत्या के बाद हुई तेज कार्रवाई पर उठे सवाल

विजय यादव की हत्या के बाद पुलिस ने आनन-फानन में लोकनाथ यादव हत्याकांड के चारों फरार आरोपितों के घर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की.

इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने सवाल उठाया कि जब आरोपित डेढ़ वर्ष से फरार थे, तब पुलिस ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की. आखिर विजय यादव की हत्या के बाद ही इतनी तेजी क्यों दिखाई गयी.

परिवार को अब आरोपितों की गिरफ्तारी का इंतजार

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि फरार आरोपितों को पकड़ने में समय रहते सख्ती नहीं दिखाई गयी.

उनका कहना है कि यदि पहले ही गिरफ्तारी और कुर्की-जब्ती की कार्रवाई होती, तो अपराधियों में कानून का भय रहता और परिवार को पहले पुत्र और अब पिता को नहीं खोना पड़ता.

अब पूरे परिवार की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है. परिजन चाहते हैं कि विजय यादव हत्याकांड के आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी हो और उन्हें न्याय मिले.

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Author: Ramesh kumar

Published by: Vivek Ranjan

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