Jehanabad News: जिले में पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों को बड़ी राहत दी है. बारिश के कारण धानरोपनी के कार्य में तेजी आई है और जिले में धान रोपनी का प्रतिशत 29 से बढ़कर 45 प्रतिशत के करीब पहुंच गया है. शनिवार तक जहां केवल 29 प्रतिशत खेतों में धान की रोपनी हुई थी, वहीं बुधवार तक यह आंकड़ा बढ़कर 44.4 प्रतिशत हो गया.
मुरझा रहे धान के पौधों में आई नई जान
लगातार बारिश होने से खेतों में पर्याप्त नमी और पानी उपलब्ध हो गया है. जिन खेतों में धान के बिचड़े और पौधे सूखने की कगार पर थे, उनमें फिर से जान आ गई है. वहीं परती पड़े खेतों में भी अब रोपनी की तैयारी शुरू हो गई है. पहले किसान मोटर पंप के सहारे खेतों में पानी पहुंचा रहे थे, लेकिन बारिश के बाद स्थिति काफी बेहतर हो गई है.
जुलाई के अंतिम दिनों में रोपनी में तेजी
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार रविवार से शुरू हुई बारिश के बाद धान रोपनी की गति में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. जुलाई के अंतिम दिनों में किसानों ने तेजी से रोपनी का कार्य शुरू किया है. अधिकांश खेतों में अब धान लगाने लायक पानी जमा हो चुका है, जबकि ऊंचे इलाकों में किसान मोटर पंप की मदद से रोपनी कर रहे हैं.
गांवों में लौटी रौनक, बढ़ी मजदूरों की मांग
धानरोपनी शुरू होने के साथ ही जिले के गांवों और बधारों में रौनक लौट आई है. किसान ट्रैक्टर और मजदूरों की तलाश में जुटे हैं. खेतों में महिलाओं के पारंपरिक रोपनी गीतों की गूंज सुनाई दे रही है. ट्रैक्टर और कृषि मजदूरों की मांग बढ़ने से ग्रामीण इलाकों में कृषि गतिविधियां तेज हो गई हैं.
खाद की दुकानों पर भी बढ़ी भीड़
रोपनी के साथ ही खाद की मांग में भी तेजी आई है. जिले की खाद दुकानों पर किसानों की भीड़ बढ़ने लगी है. विशेष रूप से डीएपी खाद की बिक्री अधिक हो रही है. किसानों का मानना है कि रोपनी से पहले डीएपी खाद का उपयोग करने से धान की पैदावार बेहतर होती है.
