जहानाबाद में सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर सख्ती की तैयारी, पार्किंग व्यवस्था नहीं होने से बढ़ी लोगों की चिंता

Jehanabad News: प्रशासनिक सख्ती के बीच जहानाबाद में सड़क किनारे वाहन खड़ा करने पर रोक की तैयारी है. पार्किंग की व्यवस्था न होने से शहरवासी परेशान हैं. जानें इस मुद्दे पर पूरी रिपोर्ट.

Jehanabad News: शहर में सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने की प्रशासनिक कवायद के बीच पार्किंग व्यवस्था का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया है. जिलाधिकारी छिरिड़ बाई भूटिया ने सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ वहां खड़े वाहनों को भी हटाने का निर्देश दिया है. प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे खड़े वाहन दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं और यातायात व्यवस्था को प्रभावित करते हैं.

हाल ही में बेगूसराय में सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकराकर तीन पुलिस अधिकारियों की मौत के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है. खासकर कुहासे के मौसम में सड़क किनारे खड़े वाहन दुर्घटना की आशंका बढ़ा देते हैं.

पार्किंग नहीं, तो वाहन कहां खड़े करें लोग?

प्रशासन की सख्ती के बीच शहरवासियों का कहना है कि जहानाबाद में कोई व्यवस्थित वाहन पार्किंग स्थल नहीं है. ऐसे में बाजार आने वाले लोग अपनी कार और बाइक सड़क किनारे खड़ी करने को मजबूर हैं.

ग्रामीण इलाकों और शहर के विभिन्न मोहल्लों से बाजार आने वाले लोग अक्सर अपनी गाड़ियां एनएच-83 के किनारे खड़ी करते हैं. अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि सड़क किनारे वाहन खड़े करने पर रोक लगेगी तो लोग अपने वाहन कहां पार्क करेंगे. स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर में एक बड़े वाहन पार्किंग स्थल की आवश्यकता है. यदि पार्किंग की व्यवस्था हो जाए तो बाजार क्षेत्र में वाहनों की भीड़ कम होगी और जाम की समस्या पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा.

बाजार की संकरी सड़कों पर बढ़ रही जाम की समस्या

शहर के मुख्य बाजार की सड़कें पहले से ही काफी संकरी हैं. सड़क किनारे बाइक, स्कूटी और अन्य वाहनों की पार्किंग के अलावा छोटे व्यावसायिक वाहनों द्वारा माल उतारने का काम भी जाम का बड़ा कारण बन रहा है.

सब्जी मंडी के आसपास सुबह के समय पिकअप, ऑटो और अन्य छोटे वाहनों से माल की अनलोडिंग की जाती है. इसके कारण शिवाजी पथ, सट्टी मोड़ और पीली कोठी से सब्जी मंडी तक की सड़कों पर रोजाना भीषण जाम की स्थिति बन जाती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकानदार ठेला भाड़ा बचाने के लिए छोटे वाहनों को सीधे अपनी दुकानों तक बुला लेते हैं, जिससे सड़कें अवरुद्ध हो जाती हैं और पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है.

अतिक्रमण से सिकुड़ गईं शहर की सड़कें

स्थायी और अस्थायी अतिक्रमण के कारण शहर की अधिकांश सड़कें संकरी हो गई हैं. बुजुर्गों का कहना है कि पहले शिवाजी पथ जैसी सड़कों पर ट्रकों से माल उतारा जाता था, लेकिन अब स्थिति ऐसी है कि दिन में ट्रैक्टर तक का निकलना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नगर परिषद शहर की सड़कों की दोबारा नापी कराए और सड़क की वास्तविक चौड़ाई चिह्नित करे, ताकि वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जा कर बैठे अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके.

पार्किंग व्यवस्था पर विचार कर रहा प्रशासन

अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा ने कहा कि सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटाने का निर्देश मिला है और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि शहर में वाहन पार्किंग की व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन स्तर पर विचार किया जा रहा है, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके.


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By Sanjay Anurag

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