मखदुमपुर. जहानाबाद के वाणावर पहाड़ स्थित बाबा सिद्धेश्वर नाथ धाम में 30 जुलाई से शुरू होने वाले श्रावणी मेले को लेकर जिला प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं. 30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलने वाले इस एक माह के मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ नियंत्रण के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पूरे पहाड़ी क्षेत्र और मंदिर जाने वाले मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है.
अर्घा सिस्टम से होगा जलाभिषेक, गर्भगृह में नहीं लगेगी भीड़
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के मुख्य द्वार पर इस वर्ष भी अर्घा सिस्टम लगाया गया है. इसके माध्यम से श्रद्धालु बाहर से ही भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर सकेंगे. यह व्यवस्था 29 जुलाई से 30 अगस्त तक प्रभावी रहेगी. मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इससे गर्भगृह में अनावश्यक भीड़ नहीं लगेगी और श्रद्धालु आसानी से कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर सकेंगे.
एलईडी स्क्रीन, बेहतर रोशनी और लाउडस्पीकर की व्यवस्था
मंदिर परिसर में बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से श्रद्धालु बाबा सिद्धेश्वर नाथ के दर्शन कर सकेंगे. पूरे पहाड़ी क्षेत्र और मंदिर मार्ग पर बेहतर प्रकाश व्यवस्था की गई है, ताकि रात में भी श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो. मेला क्षेत्र में लाउडस्पीकर भी लगाए गए हैं, जिनके जरिए आवश्यक सूचनाएं लगातार प्रसारित की जाएंगी.
सुरक्षा के लिए पुलिस बल और ड्रॉप गेट तैनात
श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. मंदिर परिसर में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों तथा महिला और पुरुष पुलिस बल की तैनाती की गई है. भीड़ नियंत्रण के लिए मंदिर मार्ग पर कई स्थानों पर ड्रॉप गेट बनाए गए हैं, जहां से श्रद्धालुओं की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा.
श्रद्धालुओं के लिए सात मेडिकल कैंप की सुविधा
मेला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है. पूरे परिसर में सात स्थानों पर मेडिकल कैंप स्थापित किए गए हैं. यहां एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तुरंत इलाज मिल सके.
एक माह तक नहीं होंगे मुंडन और विशेष धार्मिक अनुष्ठान
मंदिर प्रबंधन ने बताया कि श्रावणी मेले के दौरान एक माह तक मंदिर परिसर में मुंडन, विशेष पूजा और कथा जैसे धार्मिक अनुष्ठान नहीं होंगे. यह निर्णय जलाभिषेक के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है.
नेत्र दर्शन की मांग भी उठी
मुख्य द्वार पर अर्घा सिस्टम लगाए जाने से कुछ श्रद्धालुओं ने नेत्र दर्शन की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है. उनका कहना है कि देश के कई प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक के साथ प्रत्यक्ष दर्शन की भी सुविधा रहती है. ऐसे में बाबा सिद्धेश्वर नाथ धाम में भी ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए.
प्रशासन ने किया तैयारियों का अंतिम निरीक्षण
श्रावणी मेले की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने दिनभर मंदिर परिसर और पहाड़ी क्षेत्र का निरीक्षण किया. साफ-सफाई, सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं की समीक्षा की गई. प्रशासन का दावा है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम वातावरण में बाबा सिद्धेश्वर नाथ के दर्शन और जलाभिषेक का अवसर मिलेगा.
