Jehanabad News: जिले की ग्राम पंचायतों में आधारभूत संरचनाओं को सुदृढ़ करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी (डीएम) छिरिङ वाई भूटिया की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में विशेष रूप से 'मॉडल विलेज' पहल के तहत चयनित पंचायतों में चल रहे और प्रस्तावित विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई. डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि उच्च गुणवत्ता के साथ धरातल पर दिखाई दें.
13 पंचायतों के बुनियादी ढांचे की गहन समीक्षा
समीक्षा के क्रम में चयनित 13 ग्राम पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों, सरकारी विद्यालयों, स्वास्थ्य उपकेंद्रों, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों, सामुदायिक भवनों और शौचालयों की स्थिति जांची गई. इसके अलावा ग्रामीण पुस्तकालय, गली-नाली पक्कीकरण, नल-जल योजना और पंचायत सरकार भवनों की वर्तमान प्रगति का समेकित विवरण तलब किया गया. डीएम ने निर्देशित किया कि प्रत्येक पंचायत में विभागवार और घटकवार संचालित कार्यों की स्पष्ट सूची तैयार की जाए, ताकि वास्तविक जरूरतों के आधार पर ही बजट और संसाधनों का आवंटन हो सके.
आंगनबाड़ी केंद्रों में लागू होगा 'पेंसिल मॉडल'
जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों के अनुकूल, आकर्षक और एकरूप पहचान देने के लिए डीएम ने विशेष पहल की है. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी जीर्णोद्धारित आंगनबाड़ी केंद्रों में 'पेंसिल मॉडल' अपनाया जाए. इसके लिए जिला स्तर से एक मानक डिजाइन तैयार कर सभी संबंधित प्रखंडों को उपलब्ध कराया जाएगा. इस अभिनव पहल का उद्देश्य पूरे जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की एक विशिष्ट और आधुनिक पहचान स्थापित करना है, जिससे नौनिहालों को पढ़ाई और पोषण के लिए बेहतर माहौल मिल सके.
बिफोर-प्रेजेंट-आफ्टर फोटो और वीडियो अनिवार्य
विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए डीएम ने तकनीक आधारित निगरानी पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश जारी करते हुए कहा, "प्रत्येक मरम्मति एवं जीर्णोद्धार कार्य का 'बिफोर, प्रेजेंट और आफ्टर' (कार्य से पहले, कार्य के दौरान और कार्य के बाद) फोटो व वीडियो डॉक्यूमेंटेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए. प्रत्येक तस्वीर पर दिनांक और समय स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए ताकि बदलाव धरातल पर प्रमाणित हो सके." सभी प्रखंडों को इसका व्यवस्थित डिजिटल अभिलेख संधारित करने को कहा गया है.
केवल रिपोर्ट नहीं, फील्ड में जाकर करें भौतिक सत्यापन
समीक्षा बैठक में जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को दफ्तरों से निकलकर फील्ड विजिट करने की सख्त हिदायत दी. उन्होंने कहा, "योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी संभव है जब उन्हें निर्धारित गुणवत्ता के साथ तय समयसीमा में पूरा किया जाए. अधिकारी केवल कागजी प्रतिवेदनों पर भरोसा न करें, बल्कि स्वयं क्षेत्र में जाकर कार्यों का भौतिक सत्यापन करें. प्रखंड स्तरीय अधिकारी अपने पोषक क्षेत्र के कार्यों का नेतृत्व खुद संभालें और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करें." बैठक में विद्यालयों में अतिरिक्त वर्ग कक्ष, पेवर ब्लॉक और चहारदीवारी निर्माण को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया.
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