बिहार की एक करोड़ जीविका दीदियों को मिलेगा बीमा कवर, 15 अप्रैल से शुरू होगा अभियान

Jeevika Didi: बिहार सरकार ने राज्य की एक करोड़ जीविका दीदियों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने की दिशा में कदम उठाया है. 15 अप्रैल से ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान शुरू होगा, जिसके तहत हर ग्राम पंचायत में महिलाओं का बीमा कराया जाएगा. इस पहल के जरिए न सिर्फ आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि महिलाओं और उनके परिवारों को संकट के समय सहारा भी मिलेगा.

Jeevika Didi: बिहार की ‘आधी आबादी’ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के बाद बिहार सरकार उनकी सुरक्षा के लिए एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार कर रही है. राज्य की लगभग एक करोड़ जीविका दीदियों को अब बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा.

इस नई पहल के तहत अगर किसी बीमित दीदी की प्राकृतिक मृत्यु होती है तो उनके परिवार को 2 लाख रुपये और यदि मृत्यु किसी दुर्घटना में होती है, तो आश्रितों को पूरे 4 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी.

15 अप्रैल से शुरू होगा ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’

आगामी 15 अप्रैल से बिहार की सभी ग्राम पंचायतों में ‘बीमा सुरक्षा उत्सव’ अभियान शुरू किया जाएगा, जो 31 मई तक चलेगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन 28 लाख दीदियों को भी कवर करना है जो अब तक बीमा से वंचित हैं.

वर्तमान में करीब 72 लाख दीदियां पहले से ही बीमित हैं, लेकिन अब लक्ष्य शत-प्रतिशत कवरेज का है. प्रशिक्षित जीविका दीदियां और कर्मी घर-घर जाकर महिलाओं को इसके फायदों के बारे में बताएंगे और उन्हें आवेदन के लिए प्रेरित करेंगे.

महज कुछ रुपयों में लाखों का सुरक्षा कवच

सरकार ने इस बीमा योजना को दो हिस्सों में बांटा है ताकि हर स्थिति में सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. पहली योजना ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ है, जिसमें 18 से 50 वर्ष की दीदियों को सालाना मात्र 436 रुपये का अंशदान देना होगा. इसमें प्राकृतिक मृत्यु पर भी परिजनों को 2 लाख रुपये मिलेंगे.

दूसरी ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ है, जो 18 से 70 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है. इसमें महज 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना में मृत्यु होने पर 2 लाख रुपये का प्रावधान है. खास बात यह है कि दुर्घटना की स्थिति में दोनों योजनाओं का लाभ मिलकर कुल 4 लाख रुपये की राशि आश्रितों को मिलेगी.

पतियों का भी होगा बीमा

इस बार के अभियान की एक और दिलचस्प कड़ी यह है कि जीविका दीदियों को न केवल खुद का, बल्कि अपने पतियों का भी बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. विभाग का मानना है कि परिवार के मुखिया या मुख्य सदस्य का बीमा होने से ग्रामीण परिवारों को अचानक आने वाले आर्थिक संकट से बचाया जा सकेगा.

पिछले दो दशकों में करीब 10 हजार परिवारों को बीमा का लाभ मिल चुका है और अब इस दायरे को विस्तार देकर हर घर तक पहुंचाने की तैयारी है. 1 जून से यह नया बीमा प्रभावी हो जाएगा, जो अगले एक साल तक सुरक्षा प्रदान करेगा.

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लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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