Bihar Road Project: बिहार में ग्रामीण कार्य विभाग ने चार जिले की करीब दर्जन भर सड़कों को पथ निर्माण विभाग को सौंपने का निर्णय लिया है. इनमें कैमूर, रोहतास, जमुई और लखीसराय जिला शामिल हैं. इनकी लंबाई 24.765 किलोमीटर है. इनमें से सबसे अधिक रोहतास जिला की सड़कें हैं. इसका मकसद राज्य में ग्रामीण इलाकों की सड़कों को बेहतर बनाना और उसकी चौड़ाई बढ़ाकर बेहतर आवागमन सुनिश्चित करना है.
सड़कों को लेकर अधिसूचना जारी
सड़कों के विभागीय स्थानांतरण के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है. सूत्रों के अनुसार, कैमूर जिले में रामगढ़ रोड से एनएच-30 भाया भुडी टेकारी तक 3.250 किलोमीटर लंबाई में एक सड़क शामिल है. जमुई जिले में पीडब्लूडी-इंदपे-सिंगारपुर मांझी टोला पथ तक 0.660 किलोमीटर है. रोहतास जिला में बहतुतिया मोड़ से बहतुतिया तक 0.400 किलोमीटर, बेदवलिया से ममरेजपुर तक डेढ़ किलोमीटर लंबाई में सड़कें हैं.
अब तक इतनी पक्की सड़कें मुख्य सड़क से जुड़ी
राज्य की 1.21 लाख ग्रामीण बसावटों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ने का काम पूरा हो चुका है. अब उन ग्रामीण बसावटों का सीधा जुड़ाव बड़े राजमार्गों से भी किया जा रहा है. इसके लिए ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य में सुलभ संपर्कता योजना की शुरुआत की है. यह पहल ग्रामीण इलाकों को सीधे उच्च श्रेणी के रास्तों से जोड़ते हुए विकास की गति को नई रफ्तार देगा.
गांव में टूटी सड़क के लिए यहां करें शिकायत
गांव में टूटी सड़क या सड़क में गड्डा दिखे तो आप इसकी शिकायत अपने मोबाइल पर हमारा बिहार-हमारी सड़क ऐप के माध्यम से कर सकते हैं. उस शिकायत पर जल्द कार्रवाई होगी और सड़क की मरम्मति हो जाएगी. जानकारी के मुताबिक, ग्रामीण कार्य विभाग ने ‘हमारा बिहार हमारी सड़क’ एंड्रॉयड ऐप डेवलप किया है. यह ऐप फ्री में उपलब्ध है, जिसे कोई भी यूजर गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकता है.
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