Bihar Government: देश में 1 अप्रैल से जनगणना का काम शुरू हो गया है. यह काम किसी भी कारण से प्रभावित ना हो, इसे ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया. सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, राज्य के वैसे सरकारी कर्मचारी और पदाधिकारी जो कि जनगणना के काम में जुटे हुए हैं, उनका अगले साल (2027) के मार्च महीने तक ट्रांसफर नहीं हो सकेगा. इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है.
इन सभी कर्मियों के ट्रांसफर पर लगी रोक
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृह सचिव की ओर से देश के राज्यों में लेटर भेजा गया था. ऐसे में नोडल विभाग होने के नाते राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार के सभी जिलों में लेटर भेज दिया है. आदेश के मुताबिक, जिस भी विभाग के अधिकारी जनगणना के काम में जुटे हैं, उनकी ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लगा दी गई है.
17 अप्रैल से होगी स्वगणना
देश के कुछ राज्यों में स्वगणना की शुरुआत भी हो गई है. लेकिन बिहार में इसकी शुरुआत 17 अप्रैल से होगी. इससे लोगों को राहत यह मिल सकेगी कि वे घर बैठे ही पोर्टल पर खुद के साथ-साथ पूरे परिवार की जानकारी अपलोड कर सकेंगे. जानकारी के मुताबिक, 2 मई से मकानों की लिस्टिंग शुरू की जाएगी. यह काम एक महीने तक चलेगा. इसके लिए कर्मी घर-घर जायेंगे और जो डिटेल्स अपलोड किए गए, उसे वेरिफाई करेंगे.
स्वगणना के लिए क्या होगा जरूरी?
17 अप्रैल से 1 मई तक स्वगणना पोर्टल खुला रहेगा जहां लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे. इसके लिए परिवार के एक सदस्य का मोबाइल नंबर जरूरी होगा. ऑनलाइन भरी गई जानकारी के बाद मिलने वाली एसई आईडी को सुरक्षित रखना जरूरी होगा, जिसे बाद में जनगणना कर्मी को दिखाना होगा.
पूरी प्रक्रिया एचएलओ मोबाइल एप के माध्यम से संचालित होगी. जनगणना के दौरान लोगों से 33 आसान सवाल पूछे जाएंगे और एक मोबाइल नंबर लिया जाएगा. प्रशासन का मानना है कि डिजिटल जनगणना से आंकड़ों की शुद्धता बढ़ेगी और विकास योजनाओं के इंप्लीटेशन में बेहतर मदद मिलेगी.
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