अंग्रेजी में पूरे बिहार में प्रथम रहे डॉ सत्यम कुमार, खैरा राजकीय डिग्री कॉलेज में बने असिस्टेंट प्रोफेसर

जमुई के डॉ सत्यम कुमार ने बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया में अंग्रेजी विषय में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. उन्होंने खैरा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में अध्यापन कार्य शुरू किया है.

Jamui News: जमुई. बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग की संविदा आधारित असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति प्रक्रिया में अंग्रेजी विषय में राज्य स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले डॉ सत्यम कुमार ने अपनी उपलब्धि से जमुई जिले और परिवार का नाम रोशन किया है. खैरा प्रखंड के जीत झिंगोई निवासी डॉ सत्यम को मेरिट और अभ्यर्थी की वरीयता के आधार पर मुंगेर विश्वविद्यालय आवंटित किया गया है. अब वे खैरा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में अंग्रेजी विषय के विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं.

अकादमिक स्कोर और साक्षात्कार के आधार पर हुआ चयन

डॉ सत्यम के पिता एवं पत्रकार कृष्ण रंजन सिंह ने बताया कि नियुक्ति की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं. चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों के अकादमिक स्कोर और साक्षात्कार को आधार बनाया गया था. दोनों में प्राप्त अंकों के आधार पर डॉ सत्यम कुमार ने अंग्रेजी विषय में पूरे बिहार में प्रथम स्थान हासिल किया.

जवाहर नवोदय विद्यालय से शुरू हुई पढ़ाई

डॉ सत्यम कुमार ने अपनी स्कूली शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, जमुई से पूरी की. वहीं से उन्होंने दसवीं और बारहवीं की शिक्षा प्राप्त की. इसके बाद अंग्रेजी विषय में स्नातक की पढ़ाई पटना विश्वविद्यालय के पटना कॉलेज से की.

बीएचयू से भाषाविज्ञान में स्नातकोत्तर, आईआईटी कानपुर से पीएचडी

भाषाविज्ञान में रुचि के चलते डॉ सत्यम ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से भाषाविज्ञान में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की. इसके बाद यूजीसी नेट-जेआरएफ की राष्ट्रीय परीक्षा उत्तीर्ण की और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से भाषाविज्ञान में पीएचडी की उपाधि हासिल की.

वड़ोदरा विश्वविद्यालय में भी पढ़ा चुके हैं

शिक्षण और शोध के क्षेत्र में डॉ सत्यम का अनुभव भी उल्लेखनीय रहा है. पीएचडी के बाद उन्होंने गुजरात के वड़ोदरा स्थित महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय, बड़ौदा में करीब एक वर्ष असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया. इसके बाद वे मैसूर स्थित भारतीय भाषा संस्थान (CIIL) में भारत सरकार की एक परियोजना के तहत कार्यरत रहे.

गृह जिले में अध्यापन का मिला अवसर

इसी दौरान बिहार में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में उनका चयन हुआ. डॉ सत्यम ने अपने गृह राज्य में ही अध्यापन कार्य को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया. अब खैरा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय में उनकी नियुक्ति से स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को उनके शोध एवं अध्यापन अनुभव का लाभ मिलेगा.

देश-विदेश में शोध कार्य प्रस्तुत कर चुके हैं

भाषाविज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय डॉ सत्यम कुमार भारत और विदेशों के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि अपने गृह क्षेत्र के महाविद्यालय में अध्यापन का अवसर उनके लिए विशेष है. वे यहां के विद्यार्थियों के साथ अपने ज्ञान और अनुभव साझा करने को महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं.

211 नवसृजित डिग्री कॉलेजों में हुई नियुक्ति

Jamui News: बताया गया कि बिहार में नवसृजित 211 डिग्री कॉलेजों के लिए छह विषयों में कुल 2,451 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है. इस चयन प्रक्रिया में अंग्रेजी विषय में पूरे राज्य में प्रथम स्थान हासिल करना डॉ सत्यम कुमार की उल्लेखनीय उपलब्धि है.

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लेखक के बारे में

By पंकज कुमार सिंह

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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