Jamui GeM Training: जमुई. जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. मास्टर ट्रेनर सत्यम कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मियों को पोर्टल के उपयोग, खरीद प्रक्रिया और तकनीकी नियमों की विस्तार से जानकारी दी.
कई विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला परिवहन पदाधिकारी, वरीय कोषागार पदाधिकारी, सिंचाई प्रमंडल (जमुई, झाझा एवं लक्ष्मीपुर) के कार्यपालक अभियंता, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान, आहरण एवं वितरण पदाधिकारी (डीडीओ), कैशियर एवं लेखा सहायकों ने भाग लिया.
खरीद प्रक्रिया के नियमों की दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि 50 हजार रुपये तक की खरीद सीधे विक्रेता से की जा सकती है. वहीं 50 हजार रुपये से 10 लाख रुपये तक की खरीद में कम-से-कम तीन ब्रांडों की तुलना के बाद सिस्टम स्वतः एल-1 (सबसे कम बोलीदाता) का चयन करता है. 10 लाख रुपये से अधिक की खरीद के लिए बिड प्रक्रिया अनिवार्य होगी. इसके अलावा पांच लाख रुपये से अधिक के प्रस्तावों में ईएमडी, इनपुट टैक्स क्रेडिट और बिड ऑफर वैलिडिटी से जुड़े प्रावधानों की भी जानकारी दी गई.
पदनाम के आधार पर बनेगी यूजर आईडी
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि GeM पोर्टल की यूजर आईडी किसी व्यक्ति के नाम से नहीं, बल्कि संबंधित पदनाम के आधार पर बनाई जाए. इससे स्थानांतरण की स्थिति में विभागीय रिकॉर्ड और खरीद प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी. प्रशिक्षण में आधार सत्यापन, आधिकारिक ई-मेल आईडी के उपयोग, आईडी ट्रांसफर और अकाउंट डिएक्टिवेशन की प्रक्रिया भी समझाई गई.
बिड दस्तावेज में सभी शर्तें शामिल करने की सलाह
कार्यशाला में खरीद से पहले आवश्यकताओं का स्पष्ट उल्लेख करने पर विशेष जोर दिया गया. उदाहरण के तौर पर सीसीटीवी कैमरा या एयर कंडीशनर की खरीद में केबलिंग, कॉपर पाइपिंग, एक्सेसरीज और इंस्टॉलेशन जैसी सभी शर्तों को बिड दस्तावेज में शामिल करने की सलाह दी गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो.
ऑनलाइन अभ्यास और फीडबैक के साथ हुआ समापन
Jamui GeM Training: प्रशिक्षण के अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने GeM पोर्टल पर ऑनलाइन लॉगिन कर व्यावहारिक अभ्यास किया, डिजिटल उपस्थिति दर्ज कराई तथा फीडबैक भी दिया. जिला प्रशासन ने उम्मीद जताई कि इस प्रशिक्षण से सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी.
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