Hajipur News : लालगंज के पीरापुर दियारा में सफेद बालू के खनन को ग्रामीणों ने रुकवाया
लालगंज प्रखंड के पीड़ापुर गांव के दियारा क्षेत्र में ग्रामीणों ने सफेद बालू खनन का विरोध किया.
लालगंज. लालगंज प्रखंड के पीड़ापुर गांव के दियारा क्षेत्र में ग्रामीणों ने सफेद बालू खनन का विरोध किया. ग्रामीणों ने बताया कि बालू खनन होने से बरसात और बाढ़ के दिनों में खेत का अरारी ढ़ह जाता है, जिससे फसल और जमीन को भारी नुकसान होने का खतरा है. जानकारी के अनुसार, भारतमाला परियोजना के तहत बन रही फोरलेन सड़क के लिए निर्माण कंपनी एकलव्य कंस्ट्रक्शन की टीम बालू खनन के लिए पीड़ापुर दियारा क्षेत्र में मशीन और हाइवा ट्रक लेकर पहुंची. जैसे ही ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली, वे मौके पर इकट्ठा होकर विरोध जताने लगे. ग्रामीणों ने कहा कि बिना उचित सावधानी और नियमानुसार खनन करने से गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ जायेगा. ग्रामीणों ने फोन कर पूर्व विधायक अन्नू शुक्ला को भी बुलाया. अन्नू शुक्ला ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि सड़क निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं आयेगी और उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जायेगा. उन्होंने उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया. उपमुख्यमंत्री ने 15 जनवरी के बाद मौके पर पांच प्रतिनिधि भेजकर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन दिया. ग्रामीणों ने कहा कि यदि गंडक नदी घाट से बालू खनन के लिए टेंडर दिया गया है, तो संवेदक को खनन स्थल पर सूचना बोर्ड लगाना अनिवार्य है, जो अभी तक नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिना सूचना बोर्ड के खनन नियमों के खिलाफ है. ग्रामीणों ने बताया कि गंडक नदी से महज 400 से 500 फीट की दूरी पर गांव है और खनन से नदी का कटाव बढ़ेगा, जिससे बाढ़ का खतरा अधिक होगा और जनजीवन प्रभावित होगा. ग्रामीणों ने सरकार से तत्काल कदम उठाने और खनन को रोकने की मांग की है, ताकि बाढ़ और बरसात के समय उनकी जमीन और फसल सुरक्षित रह सके. इस बीच, ग्रामीणों के कड़े विरोध के चलते निर्माण कंपनी की मशीनें बिना खनन किये ही वापस लौट गयी. ग्रामीण आशा जताते हैं कि प्रशासन उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और खनन प्रक्रिया नियमों के अनुसार ही होगी.
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