Hajipur News : बिहार ग्रामीण विकास सेवा संघ के आह्वान पर ग्रामीण विकास सेवा के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारी अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने की तैयारी में हैं. संघ ने मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है. इसी क्रम में संघ की जिला कमेटी के पदाधिकारियों का एक शिष्टमंडल शुक्रवार को जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह से मिला और उन्हें ज्ञापन सौंपा.
ग्रामीण विकास सेवा को राज्य सेवा संवर्ग घोषित करने की मांग
संघ की ओर से जारी प्रेस बयान में कहा गया है कि ग्रामीण विकास सेवा को राज्य सेवा संवर्ग घोषित करने, सेवा सुधार और पदाधिकारियों की सुरक्षा समेत कई महत्वपूर्ण मांगों को लेकर पिछले कई वर्षों से विभाग और सरकार को लगातार ज्ञापन दिया जाता रहा है. इसके बावजूद अब तक इन मांगों पर कोई यथोचित कार्रवाई नहीं की गयी है.
संघ का कहना है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण विकास सेवा के पदाधिकारियों में असंतोष और निराशा बढ़ रही है. इसी को देखते हुए संघ ने सर्वसम्मति से अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है.
अपर मुख्य सचिव और मुख्य सचिव को भी दी गयी जानकारी
संघ ने अपनी मांगों को लेकर अपर मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग को पत्रांक 72 दिनांक 7 सितंबर 2026 तथा मुख्य सचिव, बिहार सरकार को पत्रांक 73 दिनांक 8 सितंबर 2026 के माध्यम से पुनः अवगत कराया है. पत्र के माध्यम से मांगों पर ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है.
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक और ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो ग्रामीण विकास सेवा के सभी पदाधिकारी 21 सितंबर से मांगें पूरी होने तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे.
मांगों पर कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी
संघ के अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने कहा कि मांगों और समस्याओं को लेकर पूर्व में भी कई बार विभाग के वरीय अधिकारियों को पत्र के माध्यम से जानकारी दी गयी है. इसके बावजूद अब तक न तो उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई हुई और न ही समस्याओं का अपेक्षित संज्ञान लिया गया.
उन्होंने कहा कि लगातार मांगों की अनदेखी होने से संघ के पदाधिकारियों में यह धारणा बन रही है कि विभाग और सरकार उनकी उचित मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है. संघ ने सरकार और विभाग से 21 सितंबर से पहले मांगों पर ठोस निर्णय लेने की मांग की है.
