राज नारायण कॉलेज में 16वें दिन भी प्रदर्शन, विश्वविद्यालय अधिनियम में बदलाव का विरोध

हाजीपुर के आरएन कॉलेज में बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम के विरोध में शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मियों का 16वें दिन भी प्रदर्शन जारी है। जानें पूरी खबर।

Hajipur News : हाजीपुर शहर के राज नारायण कॉलेज में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने गुरुवार को भी अपनी एकजुटता दिखाते हुए 16वें दिन काला बिल्ला लगाकर विरोध प्रदर्शन जारी रखा. पूरे बिहार में चल रहे शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आंदोलन के तहत कर्मियों ने बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 को अक्षुण्ण रखने की मांग की.

अधिनियम में बदलाव स्वीकार नहीं

कॉलेज की बूटा इकाई की अध्यक्ष प्रो. किरण कुमारी ने कहा कि जब तक बिहार सरकार यह स्पष्ट नहीं करती कि प्रस्तावित अधिनियम लागू नहीं किया जाएगा, तब तक शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों का विरोध जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था के हित में बिहार विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 को यथावत रखना जरूरी है.

वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. रजनीकांत रंजन, प्रो. खालिद हुसैन, प्रो. मोना तबस्सुम, प्रो. सुनीता कुमारी गुप्ता, प्रो. अर्चना कुमारी और प्रो. अनुराधा जायसवाल ने भी अधिनियम को अक्षुण्ण बनाए रखने का आह्वान किया. वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए अधिनियम में किसी भी तरह का बदलाव स्वीकार नहीं किया जाएगा.

आंदोलन तेज करने की मांग

कॉलेज शिक्षक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अरविंद कुमार और उपाध्यक्ष संदीप कुमार ने आंदोलन को और तेज करने की मांग उठाई. उन्होंने कहा कि मांगों के समर्थन में शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को एकजुट होकर संघर्ष जारी रखना होगा.

'आवाज दो, हम एक हैं' का लगाया नारा

कॉलेज की बूटा इकाई की महासचिव डॉ. अमृता, सचिव डॉ. शशि भूषण कुमार, डॉ. नैयर परवेज, डॉ. मुकेश, डॉ. तलत, डॉ. प्रियंका चटर्जी, डॉ. अंजना और डॉ. स्वर्णिका ने 'आवाज दो, हम एक हैं' का नारा लगाते हुए सरकार की मांगों के खिलाफ मुखर होकर प्रतिरोध करने का आह्वान किया. धरना स्थल पर मौजूद शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने इसका समर्थन किया. मौके पर डॉ. रवि पाठक, डॉ. सोनल, डॉ. पूनम, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सत्यपाल, प्रवीण सिंह, कामेश कुमार समेत कॉलेज के अन्य शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे.


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By अभिषेक शाश्वत

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