वैशाली: राघोपुर में बाढ़ का पानी घटा, लेकिन राहत नहीं मिली, सड़ांध से बढ़ा बीमारी का खतरा

राघोपुर में बाढ़ का पानी घटने के बाद भी लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं. पानी के सड़ांध से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है और कई इलाकों में अब तक सूखा राशन नहीं पहुंचा है. बाढ़ से प्रभावित दुकानों का सामान भी बर्बाद हो गया है, जिससे व्यापारियों को भारी नुकसान हुआ है.

Raghopur Flood Update : गंगा नदी के जलस्तर में पिछले कई दिनों से कमी आ रही है, लेकिन राघोपुर प्रखंड के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की परेशानी कम नहीं हुई है. करीब 10 दिनों से जमा बाढ़ का पानी अब सड़ांध फैलाने लगा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि गांवों में अब तक ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव समेत जरूरी सफाई कार्य शुरू नहीं कराया गया है.

फतेहपुर से रुस्तमपुर जाने वाली मुख्य सड़क से पानी कम हुआ है, लेकिन फतेहपुर से बीरपुर जाने वाली सड़क पर जुड़ावनपुर, करारी, बरारी, शिवनगर और बीरपुर में अब भी कई जगह जलजमाव है. रुस्तमपुर से लोहा पुल होते हुए सिक्स लेन तक जाने वाली सड़क भी पानी के कारण बंद है. निचले इलाकों में बसे घरों में अब भी पानी जमा है और कई परिवार ऊंचे स्थानों तथा सड़कों पर शरण लिये हुए हैं.

20 पंचायतों में पशुपालकों की बढ़ी परेशानी

राघोपुर प्रखंड की 20 पंचायतों में पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी समस्या चारे की है. चारा नहीं मिलने से दुग्ध उत्पादन प्रभावित हुआ है. पशुपालकों का कहना है कि उन्हें मजबूरी में दूध औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है.

वहीं, बिंदा मार्केट, शिवनगर, जुड़ावनपुर हाई स्कूल के पास, राघोपुर और कबीर चौक समेत कई बाजारों की दुकानों में पानी घुसने से किराना, जनरल स्टोर, चाय-नाश्ता समेत अन्य दुकानों का सामान बर्बाद हुआ है. दुकानदारों का कहना है कि पानी अचानक दुकानों में घुसा, जिससे सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला.

अब तक नहीं मिला सूखा राशन

बाढ़ प्रभावित 20 पंचायतों में अब तक सूखा राशन का वितरण नहीं होने की बात सामने आ रही है. विभागीय जानकारी के अनुसार प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को फूड पैकेट दिया जाना है. इसमें छह किलो चावल, दो किलो आलू, नमक, हल्दी, चीनी, चना, गुड़ समेत अन्य सामग्री शामिल है.

कई दिन बीतने के बाद भी फूड पैकेट नहीं मिलने से बाढ़ प्रभावित लोगों में नाराजगी है. लोगों का कहना है कि जलजमाव और भोजन की समस्या के बीच उन्हें तत्काल राहत सामग्री की जरूरत है.

जहांगीरपुर सहित कई गांवों में बिजली और नेटवर्क ठप

रुस्तमपुर, मोहनपुर और फतेहपुर फीडर से जुड़ी करीब सात पंचायतों में 150 ट्रांसफार्मरों की बिजली गुरुवार रात से शुरू की गयी है. जेई रूपेश कुमार यादव ने बताया कि बाकी पंचायतों में पानी कम होने के बाद बिजली आपूर्ति शुरू की जायेगी. फिलहाल रात में बिजली दी जा रही है, जबकि जलजमाव वाले इलाकों में सुरक्षा कारणों से ट्रांसफार्मर बंद रखे गये हैं.

जफराबाद, जहांगीरपुर सहित कई पंचायतों में कई दिनों से बिजली बंद है. बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण मोबाइल टावर भी प्रभावित हुए हैं. जहांगीरपुर निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उनके दरवाजे के पास लगा टावर बंद है, जिससे लोगों से संपर्क नहीं हो पा रहा है.

मोहनपुर निवासी राजू कुमार के अनुसार मोहनपुर और चांदपुर में एयरटेल का टावर काम नहीं कर रहा है. वहीं, ऋषि कपूर ने बताया कि पहाड़पुर पश्चिमी में भी एयरटेल नेटवर्क ठप है. ग्रामीणों के अनुसार प्रखंड की लगभग सभी पंचायतों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या बनी हुई है.

फोटो- 73- सरायपुर में ही एक घर के चारों ओर फैला पानी | Prabhat Khabar Network

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By अभिषेक शाश्वत

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