Hajipur News : राघोपुर प्रखंड क्षेत्र के कटाव प्रभावित इलाकों का वरीय पदाधिकारियों ने मंगलवार को संयुक्त निरीक्षण किया. वैशाली आपदा प्रभारी आकाश कुमार, जल संसाधन विभाग के कनीय अभियंता, सहायक अभियंता और राघोपुर सीओ राजीव रंजन चौधरी ने चकसिंगार पंचायत के लंका टोला और वीरपुर पंचायत के विभिन्न स्थानों पर गंगा नदी से हो रहे कटाव का जायजा लिया.
तेज कटाव में उपजाऊ जमीन और सड़क नदी में समाई
अधिकारियों की टीम सबसे पहले चकसिंगार पंचायत के शिवनगर लंका टोला पहुंची. यहां गंगा नदी के तेज कटाव के कारण सैकड़ों एकड़ उपजाऊ जमीन नदी में समा चुकी है. कटाव की चपेट में आने से पीसीसी सड़क भी गंगा की गोद में विलीन हो गई है.
इसके बाद टीम नाव से लंका टोला और वीरपुर पंचायत के अन्य कटाव प्रभावित इलाकों में पहुंची. जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने कटाव की स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया और संभावित बचाव उपायों पर चर्चा की.
ग्रामीणों ने बतायी समस्या, तत्काल कार्रवाई की मांग
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं. ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई दिनों से नदी का कटाव तेजी से बढ़ रहा है. खेत, रास्ते और घर लगातार नदी में समाते जा रहे हैं. लोगों ने अविलंब कटाव निरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी राघोपुर प्रखंड के चकसिंगार, शिवनगर लंका टोला सहित अन्य इलाकों में गंगा के कटाव से सैकड़ों घर और हजारों एकड़ जमीन नदी में समा चुकी है.
बाढ़-आपदा की तैयारियों का भी लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कटाव के साथ आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का भी भौतिक निरीक्षण किया. टीम ने आपदा की स्थिति में आवागमन के लिए नाव की उपलब्धता और पॉलिथीन शीट के भंडारण की जांच की. आपदा प्रभारी आकाश कुमार ने कहा कि निरीक्षण के बाद पूरी रिपोर्ट वरीय पदाधिकारियों को सौंपी जाएगी. वरीय अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कटाव रोकने और राहत-बचाव के लिए आवश्यक कार्य किए जाएंगे.
नदी किनारे नहीं जाने की अपील
सीओ राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि आपदा प्रभारी और जल संसाधन विभाग के इंजीनियरों ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और कटाव से बचाव के संबंध में आवश्यक परामर्श दिया. साथ ही आम लोगों को बाढ़ से बचाव के लिए जरूरी सुझाव भी दिए गए. प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है. जल संसाधन विभाग की टीम कटाव के स्थायी समाधान के लिए प्रस्ताव तैयार कर रही है.
