Price Hike: त्योहारी सीजन में महंगाई का झटका, फल-सब्जियों के दाम बढ़ने से लोग परेशान, जानें लेटेस्ट रेट

Price Hike: सब्जी की आसमान छूती कीमत ने मध्यम एवं निम्न वर्गीय लोगों की चिंता बढ़ा दी. जहां आम लोगों के घर में प्रतिदिन दो किलो सब्जी की खपत है, वहीं लोग एक किलो से काम चलाने के लिए विवश हो गए हैं.

Price Hike: त्योहारी सीजन में फल-सब्जियों की कीमतों में उछाल ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है. सब्जी की आसमान छूती कीमत ने मध्यम एवं निम्न वर्गीय लोगों की चिंता बढ़ा दी. जहां आम लोगों के घर में प्रतिदिन दो किलो सब्जी की खपत है, वहीं लोग एक किलो से काम चलाने के लिए विवश हो गए हैं. बाजार में सब्जी के दाम बढ़ने से लोग पांच सौ रुपये में एक दिन के लिए भी हरी सब्जी नहीं खरीद पा रहे है. पर्व के दिनों में फल एवं सब्जी की बढ़ी कीमतों के कारण कम आमदनी वाले लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इससे लोगों के थाली से सब्जियों के गायब होने की नौबत आ गयी है.

कम भाव में खरीद कर ऊंचे दामों पर बेच रहे

फल एवं सब्जी के दाम बढ़ने से व्यापारियों को अच्छा मुनाफा हो रहा है. ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में बढ़ती महंगाई के कारण सब्जियों के बिक्री में भी गिरावट देखी जा रही है. खेतों में सब्जियों के उत्पादन होने होने के बाद भी अधिक रेट होने से लोगों को एक दिन के लिए सब्जी खरीदने में आंसू निकल रहे है. किसानों ने बताया कि सब्जी व्यापारी किसानों से कम भाव में खरीद कर ऊंचे दामों पर बेच रहे है.

त्योहार के दिनों में फल एवं सब्जी की बढ़ जाती है डिमांड

पर्व के समय में सेव, संतरा, कीवी, आदि के साथ आलू, बैंगन, भींडी, गोभी, करैला, परवल, कद्दू आदि के दाम काफी बढ़ गये है. महंगाई बढ़ने के कारण आम लोगों को फल एवं सब्जी खरीदने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. लोगों ने बताया कि ग्रामीण सब्जी मंडी में 30 से 35 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू बाजारों में 38 से 40 रुपये प्रति किलो बिक रहे हैं. यही हाल अन्य सब्जियों का भी है. सेब, संतरा, अमरूद, केला, अनार आदि के रेट भी आम लोगों के पहुंच से काफी दूर हो गया है.

दाम बढ़ने से बिक्री पर पड़ रहा असर

फल विक्रेताओं ने बताया कि मंडी में ही फलों के पेटी पर रेट बढ़ने के कारण महंगे दामों पर फल बेचना दुकानदारों की मजबूरी हो गयी. फलों के अधिक दाम होने एवं महंगाई के कारण बिक्री पर भी असर पड़ा है. आम लोग जरूरत के अनुसार भी फल नहीं खरीद रहे है. जिससे फल विक्रेताओं को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. बाजारों में घूम-घूम कर फल बेचने वाले विक्रेताओं को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है. धूप में फल को निकाल देने एवं नहीं बिकने के कारण फल बर्बाद होने से विक्रेताओं को नुकसान भी उठाना पड़ता है.

सब्जी बाजार भाव (प्रतिकिलो)

आलू 30-40 रुपये
परवल 50-60 रुपये
कुंदरी 40-45 रुपये
प्याज 60-70 रुपये
शिमला मिर्च 90-100 रुपये
हरा मिर्चा 100-120 रुपये
भिंडी 40-45 रुपये
बैगन 40-42 रुपये
खीरा 35-45 रुपये
झिगुनी 35-40 रुपये
लहसुन,अदरक 180 रुपये
करैला 35-40 रुपये
फूलगोभी 60-80 रुपये जोड़ा

फल बाजार भाव (प्रतिकिलो)

सेब 120- 150 रुपये
अनार 180-200 रुपये
केला 40-60 रुपये
पपीता 50-70 रुपये
अमरूद 80-100 रुपये
किवी 120-130 प्रति तीन पीस
काजू 1000-1050 रुपये
किशमिश 200-240 रुपये
बादाम गिरी 640-670 रुपये
खजूर 300-350 रुपये

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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