Hajipur News: (कैफ अहमद की रिपोर्ट) जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित गरीब बच्चों के इलाज में वैशाली जिला पूरे बिहार में मिसाल बनकर उभरा है. मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत अब तक जिले के 176 बच्चों का सफल निःशुल्क हार्ट ऑपरेशन कराया जा चुका है. इस उपलब्धि के साथ वैशाली जिला बिहार के 38 जिलों में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है.
तीन और बच्चों को इलाज के लिए अहमदाबाद रवाना
इसी क्रम में रविवार को जिले के तीन और बच्चों को बेहतर इलाज के लिए अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं हृदय अस्पताल रवाना किया गया. इनमें हाजीपुर प्रखंड के आदित्य कुमार,महनार की सुरुचि कुमारी,बिदुपुर के रिक्की राज शामिल हैं.
100वें बैच का हिस्सा बने बच्चे
ये सभी बच्चे मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत वैशाली से भेजे गए 100वें बैच का हिस्सा हैं. बच्चों को पहले एम्बुलेंस के माध्यम से पटना भेजा गया, जहां से उन्हें हवाई मार्ग से अहमदाबाद इलाज के लिए रवाना किया जाएगा.
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए वरदान
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसके तहत जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित बच्चों की पूरी तरह निःशुल्क जांच, ऑपरेशन और इलाज देश के चुनिंदा और प्रतिष्ठित अस्पतालों में कराया जाता है.
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भूमिका
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग लगातार ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज उपलब्ध करा रहे हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित न रहे.
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
- जन्म से ही हृदय में छेद
- सांस फूलना
- बार-बार निमोनिया होना
- दूध पीते समय थकान
- वजन न बढ़ना
- होंठ और नाखून का नीला पड़ना
पूरी तरह निःशुल्क इलाज की सुविधा
ऐसी स्थिति में बच्चे का इलाज मुख्यमंत्री बाल हृदय योजना के तहत पूरी तरह निःशुल्क कराया जा सकता है.
कहां करें संपर्क?
योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावक अपने नजदीकी स्थानों पर संपर्क करें:
- सरकारी अस्पताल
- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC)
- जिला अस्पताल
यहां से योजना की जानकारी लेकर आवेदन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है और बच्चों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सकता है.
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