Hajipur News : स्थानीय जमुनी लाल महाविद्यालय एवं मेरा युवा भारत, वैशाली के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को महाविद्यालय परिसर में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना था. कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य वीरेंद्र कुमार ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में मेरा युवा भारत की जिला युवा अधिकारी स्मृति सैनी उपस्थित रहीं.
युवाओं की सकारात्मक ऊर्जा ही राष्ट्र निर्माण की सबसे बड़ी शक्ति
मुख्य अतिथि स्मृति सैनी ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं. यदि वे नशे से दूर रहकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ें तो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. उन्होंने बताया कि भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के तहत युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नृत्य, गायन, वाद-विवाद, निबंध, चित्रकला, स्लोगन लेखन, नुक्कड़ नाटक, स्लैम पोएट्री और शॉर्ट फिल्म निर्माण जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है. उन्होंने 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में इन गतिविधियों में शामिल होने की अपील की.
महाविद्यालय सामाजिक चेतना का भी केंद्र : प्राचार्य
प्राचार्य वीरेंद्र कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है. उन्होंने कहा कि महाविद्यालय केवल शिक्षा देने का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण मंच है. उन्होंने विद्यार्थियों से नशामुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने और समाज में जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया.
नशे के दुष्प्रभावों पर किया गया जागरूक
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन डॉ. रजनीश कुमार ने किया. उन्होंने नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया. वहीं आशुतोष कुमार ने छात्र-छात्राओं को मेरा युवा भारत ऐप पर पंजीकरण कराने में तकनीकी सहयोग प्रदान किया.
'नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें' का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने "नशा छोड़ें, जीवन जोड़ें" तथा "नशा मुक्त भारत, विकसित भारत" के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लिया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर प्रो. प्रीति कुमारी, डॉ. श्याम किशोर सिंह, डॉ. लावण्या नूपुर, डॉ. अनामिका, डॉ. स्मृति सौरभ, डॉ. विभा कुमारी, डॉ. कुमारी कंचन, डॉ. सुमत कुमारी, डॉ. अरिहंत नाचीकेता, डॉ. अरुण दयाल, डॉ. प्रीती चंद्रा, डॉ. सुनील, डॉ. नितिन कुमार, आशुतोष कुमार, प्रशंसा, राजीव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे.
