माझा (गोपालगंज) अखिल कुमार की रिपोर्ट
International Yoga Day : आधुनिक जीवनशैली में बढ़ती भागदौड़, मानसिक तनाव और अनियमित दिनचर्या के बीच योग स्वस्थ जीवन का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है. प्रखंड के अदमापुर गांव निवासी एवं योग शिक्षक फरीद आलम वर्षों से लोगों को योग के प्रति जागरूक करने का कार्य कर रहे हैं. उनका मानना है कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है.
योग शरीर व मन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक
फरीद आलम ने कहा कि वर्तमान समय में अधिकांश लोग तनाव, चिंता, अवसाद, अनिद्रा तथा जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न बीमारियों से जूझ रहे हैं. देर रात तक जागना, असंतुलित खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी तथा मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों पर बढ़ता समय स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बन गया है. ऐसे में योग एक सरल, सुलभ और प्रभावी उपाय के रूप में सामने आया है, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में सहायक है.
नियमित अभ्यास शरीर को मजबूत बनाता
उन्होंने बताया कि योग के विभिन्न आसनों और प्राणायामों का नियमित अभ्यास शरीर को मजबूत, लचीला और ऊर्जावान बनाता है. ताड़ासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन और पवनमुक्तासन जैसे आसन मांसपेशियों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाते हैं. वहीं अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी जैसे प्राणायाम श्वसन तंत्र को मजबूत करने के साथ मानसिक शांति प्रदान करते हैं.
बच्चों में भी योग की आदत विकसित करें
फरीद आलम ने कहा कि ध्यान का नियमित अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक तनाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. नियमित योगाभ्यास से मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा और हृदय संबंधी जीवनशैली जनित बीमारियों के नियंत्रण में भी मदद मिलती है. यही कारण है कि आज विश्वभर में योग को स्वास्थ्य संवर्धन के एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाया जा रहा है.
उन्होंने विद्यालयों एवं शैक्षणिक संस्थानों में योग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि यदि बच्चों में प्रारंभिक अवस्था से ही योग की आदत विकसित की जाए तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन का विकास होता है.
