Gopalganj News : जिले के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों की लापरवाही अब उन पर भारी पड़ सकती है. बिहार शिक्षा परियोजना ने 'एक पेड़ मां के नाम-3.0' अभियान के क्रियान्वयन में सुस्ती बरतने वाले निजी विद्यालयों को अंतिम चेतावनी जारी की है. विभाग ने सभी संबंधित विद्यालयों को तीन दिनों के भीतर आवश्यक सूचनाएं और गतिविधियों की रिपोर्ट इको क्लब्स फॉर मिशन लाइफ पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश दिया है. समय सीमा के भीतर निर्देशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाया जा रहा है अभियान
प्रारंभिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान के डीपीओ शिवम ने बताया कि स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, भारत सरकार के निर्देश पर विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) से 'एक पेड़ मां के नाम-3.0' अभियान संचालित किया जा रहा है. अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण, सतत जीवनशैली और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. इसके तहत सभी निजी विद्यालयों को मिशन लाइफ के अंतर्गत ग्रीन समर कैंप आयोजित करने तथा विभिन्न पर्यावरणीय गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं.
567 में सिर्फ 18 विद्यालयों ने दी जानकारी
विभागीय समीक्षा में सामने आया है कि गोपालगंज जिले के 567 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में से अब तक केवल 18 विद्यालयों यानी करीब 3.1 प्रतिशत ने ही इको क्लब गठन से संबंधित जानकारी पोर्टल पर अपलोड की है. शेष विद्यालयों की ओर से अब तक कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है. विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
पौधरोपण और गतिविधियों की रिपोर्ट भी करनी होगी अपलोड
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन विद्यालयों ने अब तक इको क्लब गठन की अधिसूचना पोर्टल पर अपलोड नहीं की है, वे तीन दिनों के भीतर इसे पूरा करें. साथ ही 'एक पेड़ मां के नाम-3.0' अभियान के तहत किए गए पौधरोपण, ग्रीन समर कैंप और अन्य गतिविधियों की रिपोर्ट एवं फोटोग्राफ भी मिशन लाइफ पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. विभाग ने विद्यालयों को लगाए गए पौधों की देखभाल और उन्हें जीवित रखने की जिम्मेदारी निभाने का भी निर्देश दिया है.
31 जुलाई की समीक्षा से पहले बढ़ा विभाग का दबाव
शिक्षा विभाग के अनुसार, 31 जुलाई को भारत सरकार के संयुक्त सचिव स्तर पर अभियान की समीक्षा की जानी है. यदि गोपालगंज जिले की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई और निदेशालय की ओर से प्रतिकूल टिप्पणी की गई, तो संबंधित निजी विद्यालयों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
