गोपालगंज जिले के 14 प्रखंडों में स्थापित सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का 19 जुलाई को ऑनलाइन शुभारंभ होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से इन विद्यालयों का लोकार्पण करेंगे. कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. जिला पदाधिकारी समीर सौरव ने सभी संबंधित विभागों व अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने का निर्देश दे दिया है. इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में वरीय अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी गई है, जो लगातार तैयारियों की निगरानी भी करेंगे.
शिक्षा विभाग के निर्देश पर जिले के कटेया, विजयीपुर, फुलवरिया, पंचदेवरी, उचकागांव, मांझा, बरौली, सिधवलिया, बैकुंठपुर, गोपालगंज, हथुआ, थावे, भोरे और कुचायकोट प्रखंड के चयनित विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) के रूप में विकसित किया गया है. उद्घाटन के साथ इन विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां भी शुरू कराने की तैयारी है.
मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने पर जोर
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों में भवन और कक्षाओं की साफ-सफाई, रंगाई-पुताई, पेयजल, बिजली, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, फर्नीचर, कार्यालय व्यवस्था, कंप्यूटर, इंटरनेट तथा अन्य आइटी सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है. विद्यालय परिसर में जलजमाव, झाड़ियों और मलबे की सफाई के साथ नामपट्ट एवं दिशासूचक बोर्ड लगाने का भी आदेश दिया गया है, ताकि उद्घाटन से पहले सभी विद्यालय पूरी तरह तैयार दिखाई दें.
उदघाटन के बाद पढ़ाई शुरू कराने की रहेगी पूरी व्यवस्था
उद्घाटन समारोह के लिए मंच, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, एलइडी स्क्रीन, ऑनलाइन प्रसारण और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा गया है. जिला प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि लोकार्पण के बाद विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के शुरू हो सके, इसके लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रहे.
हर विभाग को मिली है अलग जिम्मेदारी
विद्यालयों में चल रहे निर्माण एवं अन्य कार्यों की निगरानी का दायित्व बीएसइआइडीसी के कार्यपालक अभियंता को सौंपा गया है. संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक फर्नीचर, शिक्षण सामग्री, कंप्यूटर और इंटरनेट की व्यवस्था भी सुनिश्चित करेंगे. प्रखंड विकास पदाधिकारी विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, नामपट्ट, दिशासूचक बोर्ड लगाने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना होगा. समग्र शिक्षा के डीपीओ शिवम और जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी ऑनलाइन प्रसारण एवं एलइडी स्क्रीन की व्यवस्था करेंगे. जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने, जबकि जिला अग्निशमन पदाधिकारी को सभी कार्यक्रम स्थलों पर अग्नि सुरक्षा और अग्निशमन वाहन की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
तैयारियों पर नजर रखेंगे वरीय पदाधिकारी
जिला प्रशासन ने सभी 14 प्रखंडों के लिए अलग-अलग वरीय पदाधिकारियों की तैनाती की है. इन्हें अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण कर सभी तैयारियां समय पर पूरी कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वहीं संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर विधि-व्यवस्था बनाए रखने, दंडाधिकारी एवं पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि उद्घाटन समारोह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके.
जिला प्रशासन का मानना है कि सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) शुरू होने से जिले के सरकारी विद्यालयों में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध होगा.
प्रखंडवार बनने वाले आदर्श विद्यालयों के नाम
| प्रखंड | स्कूल का नाम |
| कटेया | राजेन्द्र उच्च विद्यालय सह-इंटर कॉलेज |
| विजयीपुर | सहयोगी उच्च विद्यालय सह-इंटर कॉलेज |
| फुलवरिया | सहयोगी उच्च विद्यालय, बथुआ |
| पंचदेवरी | तापेश्वर नाथ उच्च विद्यालय, छितौना |
| उचकागांव | एस०, पी०, एन० उच्च विद्यालय, रघुआ जमसड़ |
| मांझा | माधव उच्च विद्यालय, मांझागढ़ |
| बरौली | नरायण सर्वोदय उच्च विद्यालय, सदौवा |
| सिधवलिया | उच्च विद्यालय, साहपुर, सिधवलिया |
| बैकुण्ठपुर | एस०, वाई०, आर० रेवतिथ |
| कुचायकोट | उच्च विद्यालय सोनहुला |
| गोपालगंज | श्री रामरतन शाही उच्च माध्यमिक विद्यालय |
| हथुआ | उच्च माध्यमिक विद्यालय, बड़वा |
| थावे | उच्च माध्यमिक विद्यालय, सेमरा |
| भोरे | श्री शंकर उच्च विद्यालय-सह-इंटर कॉलेज चकिया हुस्सेपुर |
