Teacher's attendance while abroad: शिक्षिका के विदेश में रहने के दौरान स्कूल और प्रशिक्षण में हाजिरी दर्ज होने का मामला एक बार फिर चर्चा में है. शिकायत लंबे समय से सामने आ रही थी, लेकिन मामला डीडीसी तक पहुंचने के बाद जांच शुरू हुई और कई सवाल सामने आये. जांच में पासपोर्ट और इ-टिकट के आधार पर शिक्षिका के सऊदी अरब जाने और वहां रहने की पुष्टि हुई है. अब शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा बिंदुवार जांच का आदेश दिया है.
मामला थावे प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय मुकेरी टोला की तत्कालीन शिक्षिका सना रेयाज से जुड़ा है. फिलहाल वह सदर प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत हैं. आरोप है कि शिक्षिका के विदेश में रहने के दौरान स्कूल और डीएलएड प्रशिक्षण से जुड़े अभिलेखों में उनकी उपस्थिति दर्ज होती रही. वहीं, डायट थावे प्रशिक्षण केंद्र की उपस्थिति पंजी भी गायब बतायी जा रही है.
21 जनवरी से 30 मार्च तक सऊदी में रहने की पुष्टि
पूर्व में हुई जांच के दौरान पासपोर्ट और इ-टिकट की जांच की गयी थी. उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार शिक्षिका 21 जनवरी 2017 को नई दिल्ली से सऊदी अरब गयी थीं और 30 मार्च 2017 को भारत लौटी थीं. इसी अवधि में प्रशिक्षण या अन्य स्थानों पर उनकी उपस्थिति दर्ज होने को लेकर सवाल उठे हैं.
डीएलएड सत्र 2016-18 में न्यूनतम 80 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी थी. जांच के दौरान प्रशिक्षण से जुड़े उपस्थिति पंजी की भी पड़ताल की गयी थी. विदेश जाने के लिए विभाग से अनुमति ली गयी थी या नहीं और अवकाश किस आधार पर स्वीकृत हुआ था, इसकी भी जांच की जायेगी.
बच्चे के जन्म वाले दिन की हाजिरी पर भी सवाल
मामले में नवंबर 2017 की विद्यालय उपस्थिति भी जांच के दायरे में है. उपलब्ध जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार शिक्षिका के पुत्र का जन्म दो नवंबर 2017 को हुआ था. पूर्व जांच में संबंधित महीने की हाजिरी पंजी में भी उनकी उपस्थिति दर्ज मिलने की बात सामने आयी थी. इस बिंदु की भी दोबारा जांच होगी.
शिक्षा विभाग ने साक्ष्य के साथ रिपोर्ट मांगी
स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने सदर प्रखंड के बीइओ नीरज कुमार को प्रकाशित सभी बिंदुओं की जांच कर साक्ष्य के साथ रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है. बीइओ नीरज कुमार ने बताया कि संबंधित शिक्षिका को बीआरसी बुलाकर मामले की जानकारी ली गयी है. उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जायेगी और जो भी दोषी पाया जायेगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी.
शिक्षिका से भी मामले में जवाब लिया जायेगा. अब जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली विभागीय कार्रवाई पर नजर है.
