Gopalganj Sanitation Workers Strike : गोपालगंज नगर परिषद के सफाई कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण पिछले तीन दिनों से शहर में कचरा उठाव बंद है. सड़कों, बाजारों और मोहल्लों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं. इससे दुर्गंध फैल रही है और लोगों को दैनिक आवागमन व सुबह की सैर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
सफाई कर्मियों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
हड़ताली सफाई कर्मियों ने मानदेय बढ़ाने और कागजों पर कथित रूप से दर्ज फर्जी सफाई कर्मियों को हटाने की मांग उठाई है. कर्मियों का आरोप है कि सफाई मद की राशि में अनियमितता करने के लिए चेयरमैन और कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा कागजों पर 15 जमादार नियुक्त दिखाए गए हैं, जबकि वे वास्तविक रूप से कार्य नहीं करते. इन आरोपों पर नगर परिषद की ओर से इस खबर में कोई अलग प्रतिक्रिया दर्ज नहीं है.
हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
सफाई कर्मियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. कर्मियों का कहना है कि यह आंदोलन राज्यव्यापी है, इसलिए स्थानीय स्तर पर समाधान निकालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है.
गंदगी और दुर्गंध से बढ़ी लोगों की चिंता
कचरा उठाव नहीं होने के कारण शहर के कई स्थानों पर कूड़े के ढेर जमा हैं. वहीं कुछ जगहों पर सड़क पर मृत पशु पड़े होने की भी सूचना है, जिससे दुर्गंध फैल रही है. स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द सफाई नहीं हुई तो संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है.
क्या बोले सफाई कर्मी और नगर परिषद सभापति
सफाई मजदूर राजा बासफोर ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें उचित हैं और समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं नगर परिषद के सभापति हरेंद्र चौधरी ने बताया कि जिला स्तर पर वार्ता चल रही है. उन्होंने कहा कि हड़ताल राज्यस्तरीय होने के कारण स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है.
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