गोपालगंज. मॉडल सदर अस्पताल में गरीब मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अस्पताल में टेक्नीशियन की कमी के कारण, केवल पांच से 10 गर्भवती मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पा रहा है, जबकि आधे से अधिक मरीजों को बाहर भेज दिया जा रहा है. इससे अस्पताल में इलाज करवाने वाले गरीब और जरूरतमंद मरीजों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है.
मरीजों की संख्या बढ़ने पर कतराते हैं टेक्नीशियन और चिकित्सक
सदर अस्पताल में सामान्य मरीजों के लिए अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सिर्फ दो दिन निर्धारित किये गये हैं, सोमवार और गुरुवार. इन दो दिनों में लगभग 15 से 18 सामान्य मरीजों का अलग-अलग दिन अल्ट्रासाउंड होता है. हालांकि, अगर मरीजों की संख्या इससे अधिक हो जाती है, तो टेक्नीशियन और चिकित्सक अपनी व्यस्तता के कारण अन्य मरीजों को जांच करने से कतराने लगते हैं. इसके कारण, मरीजों को बाहर जाकर महंगे निजी क्लिनिकों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है, जो उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव डालता है.
टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं
सदर अस्पताल प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, अभी सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं हो पायी है. अस्पताल प्रशासन दूसरे स्थानों से दो दिन के लिए टेक्नीशियन बुलाता है, जिससे सिर्फ सीमित संख्या में मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिल पाती है. यह व्यवस्था अस्पताल के लिए समस्या बन चुकी है, क्योंकि इससे अन्य मरीजों को इलाज की सुविधा समय पर नहीं मिल पा रही है.मरीजों की परेशानी
ग्रामीण इलाकों से आयीं मरीज रमावती देवी, तारा देवी, अंजू आरा, सोनू कुमार का कहना है कि वे सदर अस्पताल में निशुल्क इलाज का लाभ लेने के लिए आते हैं, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच की कमी के कारण उन्हें बाहर महंगी जांच करानी पड़ी है. इससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है. वे अस्पताल प्रशासन से बेहतर व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं. मरीज भी उम्मीद कर रहे हैं कि अस्पताल प्रशासन इस मुद्दे का समाधान शीघ्र निकाले, ताकि गरीब और जरूरतमंद मरीजों को उचित इलाज मिल सके. इस संकट से निबटने के लिए अस्पताल प्रशासन को स्थायी समाधान ढूंढ़ने की आवश्यकता है, ताकि सभी मरीजों को समय पर और सुविधाजनक रूप से अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा मिल सके.अस्पताल प्रबंधक ने कहा, समस्या का शीघ्र होगा हल
अस्पताल के प्रबंधक जान महम्मद ने बताया कि रेडियोलॉजिस्ट चिकित्सक तो उपलब्ध हैं, लेकिन टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को कठिनाई हो रही है. उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन इस समस्या को हल करने के लिए प्रयासरत है और जल्द ही विभाग की ओर से स्थायी टेक्नीशियन की नियुक्ति की जायेगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
