Gopalganj News (विकास दुबे) : गोपालगंज जिले के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की तैयारी शुरू कर दी गयी है. जिला शिक्षा विभाग ने स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित शिक्षण व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत जिले के सभी मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों से एक-एक शिक्षक को “मास्टर ट्रेनर (एमटी)” के रूप में चुना जायेगा. ये शिक्षक प्रशिक्षण लेने के बाद अपने स्कूल के अन्य शिक्षकों को एआइ टूल्स और डिजिटल माध्यम से पढ़ाई कराने की जानकारी देंगे. इस संबंध में गोपालगंज शिक्षा विभाग की ओर से सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है. विभाग ने इस कार्य को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए तय समय के अंदर पूरा करने को कहा है.
शिक्षकों को मिलेगा आधुनिक प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग के अनुसार बताया गया कि राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद् (एससीइआरटी), पटना द्वारा पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से “माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट फॉर एजुकेटर्स” कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह कार्यक्रम बिहार के 10 जिलों में शुरू किया गया है, जिसमें गोपालगंज जिला भी शामिल है. इस कार्यक्रम का उद्देश्य सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को नई तकनीक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ना है, ताकि बच्चों को आसान और बेहतर तरीके से पढ़ाई करायी जा सके.
शिक्षा विभाग की नई पहल, डिजिटल टीचिंग पर जोर
विभागीय के अनुसार जानकारी मिली कि जिले के सभी 14 प्रखंडों से एक-एक मास्टर फैसिलिटेटर को पहले ही एससीइआरटी, पटना में राज्य स्तरीय प्रशिक्षण दिया जा चुका है. अब यही प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने प्रखंडों में चयनित मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षण देंगे. प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को माइक्रोसॉफ्ट कॉपिलोट एम-365, एआइ टूल्स, डिजिटल टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेज और टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन की जानकारी दी जायेगी. इसके बाद मास्टर ट्रेनर अपने विद्यालयों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे.
मास्टर ट्रेनर कार्यक्रम के लिए जिले में सूची तैयार करने का निर्देश जारी
जिले के प्रखंडों के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अपने क्षेत्र के प्रत्येक मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय से एक तकनीकी रूप से सक्षम और इच्छुक शिक्षक का चयन कर उनकी सूची निर्धारित प्रपत्र में तैयार करें. यह सूची हार्ड कॉपी और एक्सेल फॉर्मेट में 30 मई तक जिला कार्यालय में उपलब्ध करानी होगी.
शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने पर जोर
शिक्षा विभाग का मानना है कि एआइ आधारित प्रशिक्षण शुरू होने से सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का तरीका और बेहतर होगा. इससे शिक्षकों की तकनीकी जानकारी बढ़ेगी और विद्यार्थियों को भी डिजिटल माध्यम से पढ़ाई का लाभ मिलेगा. विभाग ने सभी विद्यालय प्रधानों और अधिकारियों को इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया है.
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