गोपालगंज. छात्र अटल पांडेय हत्याकांड में एडीजे -10 मानवेंद्र मिश्र के कोर्ट में ट्रायल के दौरान कांड का अभियुक्त श्रीराम भगत गुरुवार को भी उपस्थित नहीं हुआ. इसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया. कोर्ट ने माना कि अभियुक्त द्वारा जानबूझकर न्यायिक विचारण को विलंबित एवं बाधित किया जा रहा है. उच्चतम न्यायालय, उच्च न्यायालय और इस विचारण न्यायालय के निर्देश की अवज्ञा की जा रही है. अभियुक्त श्रीराम भगत के प्रतिनिधित्व आवेदन को अस्वीकृत करते हुए जमानत को रद्द करते हुए गैर जमानतीय वारंट जारी किया. कोर्ट ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अभियुक्त को जमानत इस शर्त पर प्रदान की थी कि वह विचारण में पूर्ण सहयोग करेगा तथा विचारण न्यायालय द्वारा दिये गये निर्देशों का पालन करेगा. वहीं इस कांड में अभियुक्त जितेंद्र पासवान उपस्थित थे.
अस्पताल ने कोर्ट से कहा, ओपीडी कक्ष में नहीं है सीसीटीवी
कोर्ट को सेंट्रल हॉस्पिटल, पटना से रिपोर्ट प्राप्त हुई. रिपोर्ट में चिकित्सक ने स्पष्ट रूप से लिखित रूप में कहा है कि मैंने श्रीराम भगत का कोई पहचान पत्र नहीं लिया, जिससे मैं यह नहीं कह सकता कि यह आदमी श्रीराम भगत था या नहीं. मैं नहीं बता सकता. मेरे ओपीडी कक्ष में सीसीटीवी उपलब्ध नहीं है. मेरे पास एक मरीज श्रीराम भगत के नाम से पीठ दर्द की शिकायत लेकर आया था, जिसे मैंने दवाई एवं जांच लिखते हुए कुछ दिन आराम करने की सलाह दी थी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
