Gopalganj News : कृषि विभाग में फर्जी नियुक्ति के मामले में डीएम ने जांच टीम का किया गठन

Gopalganj News : बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का उजागर होने के बाद डीएम प्रशांत कुमार सीएच एक्शन मोड में आ गये. डीएम ने पूरे फर्जीवाड़े की जांच के लिए हाइलेवल टीम का गठन किया है.

गोपालगंज. भोले-भाले बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़े का उजागर होने के बाद डीएम प्रशांत कुमार सीएच एक्शन मोड में आ गये. डीएम ने पूरे फर्जीवाड़े की जांच के लिए हाइलेवल टीम का गठन किया है. सदर एसडीओ डॉ प्रदीप कुमार व डीएसपी को जांच टीम में शामिल किया गया है, जो अगले तीन दिनों में फर्जीवाड़े के नेटवर्क को खंगालेगी. हाइलेवल जांच की मॉनीटरिंग खुद डीएम कर रहे हैं.

डीएओ ने विभाग के सचिव और डायरेक्टर को मामला संज्ञान में दिया

उधर, जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन ने फर्जी डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति को लेकर विभाग के सचिव, डायरेक्टर के संज्ञान में दिया. विभाग के अधिकारी भी इस फर्जीवाड़े को लेकर बेचैन हो उठे हैं. विभाग की ओर से साफ किया गया है कि ऐसी कोई डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति की अनुमति किसी को नहीं दी गयी है. वहीं कृषि विभाग को सीवान और भी जिलों में इस फर्जी नियुक्ति पत्र को लेकर युवाओं के भटकने का इनपुट मिला है. उधर, मांझा में सरकारी नौकरी के झांसे में आने वाले कई युवा लाखों रुपये गंवा चुके हैं.

बरौली ब्लॉक से भी एक युवती को ज्वाइन करने से रोका

आठ अप्रैल को बरौली ब्लॉक में भी एक युवती डाटा इंट्री ऑपरेटर के लिए योगदान करने पहुंची थी. जहां बीएओ ने डीएओ से संपर्क किया, तो उनके डीएओ ने उसे जिला कृषि कार्यालय में बुलाया. वह नहीं आयी. वहीं मांझा में अंकित नाम का युवक भी ज्वाइन करने की फिराक में है.

प्रभात खबर ने फर्जीवाड़े का किया खुलासा

प्रभात खबर ने 10 अप्रैल के अंक में इस फर्जीवाड़े को उजागर किया. कृषि विभाग में ब्लॉकवार डाटा इंट्री ऑपरेटर की नियुक्ति के नाम पर दो से ढाई लाख रुपये लेकर पटना की एक निजी संस्था के द्वारा नियुक्ति पत्र बांटा जा रहा है. बजाप्ता इंटरव्यू, टाइपिंग टेस्ट के बाद लैपटॉप देकर कृषि विभाग के ब्लॉक में डाटा इंट्री ऑपरेटर का नियुक्ति पत्र मेल पर भेज कर योगदान कराया जा रहा है.

थावे में ज्वाइनिंग करने पहुंची, युवती तो हुआ खुलासा

मांझा के सुदा साह के टोला के रहने वाली निशा कुमारी ग्रेजुएट है. हिंदी व अंग्रेजी की टाइपिंग भी बेहतर है. परिवार मिडिल क्लास का है. उसकी कृषि विभाग में डाटा इंट्री ऑपरेटर के पद पर नियुक्ति की गयी. पटना के बोरिंग रोड में मंत्रा नाम की संस्थान के द्वारा इंटरव्यू लिया गया. टाइपिंग टेस्ट लिया गया. उसके बाद उसको वजाप्ता नियुक्ति पत्र दे दिया गया. एक पुराना लैपटॉप दिया गया कि इसी लैपटॉप से काम होगा. निशा अपनी नियुक्ति पत्र लेकर जब थावे पहुंची तो बीएओ ने जिला कृषि पदाधिकारी ललन कुमार सुमन से संपर्क किया, तो फ्रॉड का खुलासा हुआ.

डीएम ने कहा, बख्शे नहीं जायेंगे दोषी

डीएम प्रशांत कुमार सीएच ने बताया कि हाइलेवल जांच टीम का गठन किया गया है. दोषी किसी कीमत पर बख्शे नहीं जायेंगे. ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी, जिससे भोले- भाले बेरोजगार युवाओं को कोई ठगी का शिकार नहीं बना सके.

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Author: GURUDUTT NATH

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