Gopalganj News: (मनीष राज) गोपालगंज जिला समाहरणालय सभाकक्ष में गुरुवार को जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए विस्तृत समीक्षा की गई.
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. बीरेंद्र प्रसाद सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे.
मई 2026 की योजनाओं और कार्यक्रमों की हुई बिंदुवार समीक्षा
बैठक के दौरान मई 2026 माह में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट को बिंदुवार परखा और आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए.
BHAVYA, HMIS और टीकाकरण पर विशेष फोकस
जिलाधिकारी ने BHAVYA, HMIS, नियमित टीकाकरण, परिवार कल्याण, एनसीडी, आईडीएसपी, आरबीएसके और राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम सहित सभी प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का आकलन किया.
उन्होंने विशेष रूप से इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया
- योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन
- रिपोर्टिंग की गुणवत्ता और समयबद्धता
- टीकाकरण की उपलब्धि
- क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की प्रगति
स्वास्थ्य संस्थानों की रैंकिंग और सेवाओं की समीक्षा
समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य संस्थानों की रैंकिंग, ओपीडी सेवाएं, मरीजों के प्रतीक्षा समय, संस्थागत प्रसव, सी-सेक्शन और एएनसी पंजीकरण जैसे महत्वपूर्ण संकेतकों पर विस्तार से चर्चा की गई.
बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्वास्थ्य केंद्रों की सराहना की गई, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले केंद्रों को तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए गए.
गर्भवती महिलाओं और बच्चों की सेवाओं पर प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं और बच्चों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उन्होंने कहा कि संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना, नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करना और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हर लाभार्थी तक पहुंचाना अनिवार्य है.
नियमित मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई के निर्देश
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग, समय पर रिपोर्टिंग और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए.
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रदर्शन में सुधार अनिवार्य है, ताकि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके.
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