Gopalganj Health Department: समाहरणालय सभा कक्ष में डीएम समीर सौरभ की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई. इसमें जिले के अस्पतालों में सर्जरी, मरीजों के रेफरल, आशा कार्यकर्ताओं के चयन सहित स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सर्जरी नहीं होने और मरीजों को रेफर किए जाने की स्थिति पर डीएम ने नाराजगी जताई. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए.
अगस्त में 110 सर्जरी, लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि नहीं
स्वास्थ्य विभाग की अगस्त माह की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में हुई सर्जरी की समीक्षा की गई. रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में कुल 110 सर्जरी दर्ज की गई.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में सुविधा के अनुसार हुई सर्जरी की भी समीक्षा की गई. इस दौरान फुलवरिया और उचकागांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप सर्जरी नहीं होने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों से स्थिति की जानकारी ली. संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई.
डीएम ने सभी संबंधित चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में निर्धारित लक्ष्य से कम सर्जरी हो रही है, वहां इसके कारणों की समीक्षा कर सुधार सुनिश्चित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि लक्ष्य से कम उपलब्धि के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी और संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
हथुआ SDH से 66 मरीज रेफर होने पर नाराजगी
बैठक में मरीजों के रेफरल की स्थिति की भी गंभीरता से समीक्षा की गई. अनुमंडलीय अस्पताल हथुआ से एक माह में 66 मरीजों को रेफर किए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई.
उन्होंने कहा कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों के आवश्यक उपचार की सुविधा उपलब्ध है, वहां उन्हें अनावश्यक रूप से दूसरे अस्पताल में रेफर नहीं किया जाना चाहिए. सभी अस्पतालों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों और संबंधित चिकित्सकों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक रेफरल की गंभीरता से समीक्षा करें.
डीएम ने कहा कि रेफरल की संख्या को न्यूनतम स्तर पर लाया जाए और केवल चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर ही मरीज को उच्चतर स्वास्थ्य संस्थान के लिए रेफर किया जाए. उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिक संख्या में रेफरल पाए जाने पर संबंधित चिकित्सकों और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी.
अगस्त में 2816 आपातकालीन मरीजों का पंजीकरण
अगस्त माह की आपातकालीन सेवाओं के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई. अनुमंडलीय अस्पताल हथुआ में अगस्त के दौरान 1,398 आपातकालीन मरीजों का पंजीकरण हुआ. इनमें 323 मरीज भर्ती किए गए, जबकि 56 मरीजों को रेफर किया गया.
जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों को मिलाकर अगस्त में कुल 2,816 आपातकालीन मरीजों का पंजीकरण हुआ. इनमें 859 मरीज भर्ती किए गए और 168 मरीजों को रेफर किया गया.
आशा चयन में फुलवरिया और मांझा की स्थिति पर असंतोष
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के चयन की प्रगति की भी समीक्षा की गई. फुलवरिया और मांझा प्रखंड की स्थिति पर डीएम ने असंतोष जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा. उन्होंने आवश्यक प्रक्रिया में तेजी लाने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया.
अगस्त माह में आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता की समीक्षा के दौरान मांझा में 195 में से 185 आशा कार्यकर्ता सक्रिय पाई गईं, जबकि फुलवरिया में 138 में से सभी 138 आशा कार्यकर्ता सक्रिय दर्ज की गईं.
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलना चाहिए. उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता, उपचार व्यवस्था, सर्जरी, मरीजों की भर्ती और रेफरल की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया.
बैठक में सिविल सर्जन, कार्यक्रम प्रबंधक धीरज कुमार, जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी रंजीत कुमार सहित सभी प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, सामुदायिक उत्प्रेरक और प्रखंड अनुश्रवण एवं मूल्यांकन सहायक मौजूद रहे.
