(गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट)
Gopalganj Education News: गोपालगंज जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था, शैक्षणिक गुणवत्ता और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति जानने के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष निरीक्षण अभियान शुरू किया है. बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (बीईपीसी) के निर्देश पर राज्य स्तर के अधिकारी जिले के विभिन्न विद्यालयों का औचक निरीक्षण करेंगे और जमीनी स्तर पर व्यवस्थाओं का आकलन करेंगे.
गोपालगंज में राज्य साधन सेवी नूतन सिंह को मिली जिम्मेदारी
राज्य स्तर पर गोपालगंज जिले के लिए राज्य साधन सेवी नूतन सिंह को निरीक्षण पदाधिकारी नामित किया गया है. उन्हें विभिन्न प्रखंडों के सरकारी विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों का भ्रमण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी. यह रिपोर्ट 30 जून तक राज्य मुख्यालय को सौंपी जाएगी.
स्कूलों में पढ़ाई और शिक्षकों की उपस्थिति पर रहेगी पैनी नजर
निरीक्षण के दौरान नियमित कक्षाओं के संचालन, विद्यार्थियों और शिक्षकों की उपस्थिति, शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यालय प्रबंधन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी. साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उपलब्ध संसाधनों का उपयोग विद्यार्थियों के हित में प्रभावी ढंग से हो रहा है या नहीं.
पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास और ICT लैब की होगी विशेष जांच
शिक्षा विभाग ने अधिकारियों को पुस्तकालयों में पुस्तकों की उपलब्धता, स्मार्ट क्लास के संचालन, ICT लैब की स्थिति, संगीत उपकरणों के उपयोग और अन्य शिक्षण सामग्री के रखरखाव की विशेष जांच करने का निर्देश दिया है. जिन विद्यालयों में आधुनिक संसाधन उपलब्ध हैं लेकिन उनका उपयोग नहीं हो रहा है, वहां की स्थिति भी रिपोर्ट में दर्ज की जाएगी.
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों पर रहेगा विशेष फोकस
निरीक्षण अभियान के तहत कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्रावास व्यवस्था, भोजन की गुणवत्ता, सुरक्षा, स्वच्छता, छात्राओं की उपस्थिति और शैक्षणिक गतिविधियों की भी गहन समीक्षा होगी. साथ ही छात्राओं को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं और योजनाओं के क्रियान्वयन की जांच की जाएगी.
जिला अधिकारियों को समन्वय और सहयोग की जिम्मेदारी
जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम समन्वयक को निरीक्षण दल को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. निरीक्षण के दौरान आवासन, भोजन, परिवहन और आवश्यक अभिलेख उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी जिला प्रशासन पर होगी.
वाहन और अन्य सुविधाओं की भी होगी व्यवस्था
जिन निरीक्षण अधिकारियों को सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं हैं, उनके लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के माध्यम से वाहन की व्यवस्था की जाएगी ताकि तय समय सीमा के भीतर निरीक्षण कार्य पूरा किया जा सके.
रिपोर्ट के आधार पर तय होगी जवाबदेही
राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार के निर्देशानुसार सभी निरीक्षण अधिकारी 30 जून तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट जमा करेंगे. रिपोर्ट में शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं, संसाधनों के उपयोग और पाई गई कमियों का उल्लेख होगा. गंभीर अनियमितता मिलने पर संबंधित विद्यालयों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के मॉडल को अन्य स्थानों पर लागू करने पर भी विचार होगा.
शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में अहम पहल
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यापक निरीक्षण अभियान से सरकारी विद्यालयों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी और संसाधनों के बेहतर उपयोग, शिक्षकों की जवाबदेही तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे.
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