Gopalganj News : बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम-2015 के तहत द्वितीय अपील वाद की सुनवाई के दौरान बार-बार अधूरा और एक समान प्रतिवेदन प्रस्तुत करने पर फुलवरिया के अंचल अधिकारी पर ₹2 हजार का अर्थदंड लगाया गया है. जिला पदाधिकारी ने मामले में सीओ की उदासीनता और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है.
गैरमजरूआ आम रास्ते की भूमि से अतिक्रमण हटाने की थी शिकायत
मामला फुलवरिया प्रखंड के चमारीपट्टी निवासी राधा यादव की शिकायत से जुड़ा है. शिकायतकर्ता ने गैरमजरूआ आम रास्ते की भूमि से अतिक्रमण हटाने और अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान अंचल स्तर से की गयी कार्रवाई की समीक्षा की गयी.
बार-बार सिर्फ नोटिस जारी करने की जानकारी दी गयी
सुनवाई के दौरान पाया गया कि लोक शिकायत निवारण के विभिन्न स्तरों पर फुलवरिया सीओ की ओर से बार-बार केवल प्रपत्र-1 में नोटिस जारी करने और अतिक्रमण वाद संख्या 01/2026-27 के प्रक्रियाधीन होने की जानकारी दी गयी. अतिक्रमण हटाने की दिशा में की गयी अद्यतन कार्रवाई की स्पष्ट जानकारी प्रतिवेदन में नहीं दी गयी थी.
डीएम ने लगाया ₹2 हजार का अर्थदंड
मामले में लोक प्राधिकार-सह-अंचल अधिकारी की उदासीनता, लापरवाही और कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में कमी को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने ₹2 हजार का अर्थदंड अधिरोपित किया. सीओ को अर्थदंड की राशि संबंधित कोषागार में जमा कर उसका प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
29 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
डीएम ने अतिक्रमित भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्रवाई का अद्यतन प्रतिवेदन निर्धारित तिथि से पहले अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 29 सितंबर 2026 को निर्धारित की गयी है.
