Gopalganj News : फरक्का जल संधि के नवीनीकरण और उसमें संशोधन की मांग को लेकर जदयू ने अभियान तेज कर दिया है. शुक्रवार को जदयू जिला कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने कहा कि आगामी दिसंबर में संधि के नवीनीकरण के दौरान बिहार के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. इसी मुद्दे को लेकर राज्य के 12 जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं.
बिहार के हितों की अनदेखी का लगाया आरोप
जदयू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने कहा कि करीब 30 वर्ष पहले केंद्र सरकार और बांग्लादेश के बीच हुए फरक्का जल संधि समझौते में बिहार के हितों की अनदेखी हुई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि इस संधि का अपेक्षित लाभ बिहार को नहीं मिला और राज्य को बाढ़ तथा सुखाड़ दोनों स्थितियों में नुकसान उठाना पड़ा.
सांसद ने कहा कि जब बिहार को सिंचाई और पेयजल के लिए गंगा के पानी की जरूरत होती है, तब समझौते के तहत पानी बांग्लादेश को दिया जाता है. वहीं, बाढ़ की स्थिति में भी बिहार को नुकसान का सामना करना पड़ता है. उनके अनुसार फरक्का जल संधि का प्रभाव बिहार के 12 जिलों पर पड़ता है.
नवीनीकरण के साथ संशोधन की मांग
डॉ. आलोक कुमार सुमन ने कहा कि जदयू ने केंद्र सरकार से फरक्का जल संधि के नवीनीकरण के साथ उसमें आवश्यक संशोधन करने की मांग की है. इसी मुद्दे को लेकर राज्य के 12 जिलों में 'नीतीश संवाद' कार्यक्रम चलाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है.
बक्सर से शुरू हुआ जनसंवाद अभियान
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव, पूर्व मंत्री एवं हथुआ विधायक रामसेवक सिंह ने कहा कि पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में पहले चरण में बक्सर से जनसंवाद अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने कहा कि अगली बार फरक्का जल संधि के नवीनीकरण में बिहार के हितों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी.
जदयू जिलाध्यक्ष प्रमोद कुमार पटेल ने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी तरह एकजुट है और बिहार के हितों की रक्षा के लिए लगातार केंद्र सरकार के समक्ष अपनी बात रख रही है.
प्रेस वार्ता में जिला प्रवक्ता अभय पांडेय, जिला उपाध्यक्ष रामाशीष सिंह, कार्यालय प्रभारी राधेश्याम सहनी, वरिष्ठ नेता अरविंद पटेल, मीडिया प्रभारी अभिषेक कुमार, छोटेलाल साह सहित कई जदयू नेता मौजूद रहे.
