Gopalganj News: कुचायकोट प्रखंड के भठवा स्थित डीपीएपी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में रविवार को नए सत्र का शुभारंभ सह सम्मान समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर आईटीआई संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर पावर ग्रिड तथा बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी हासिल करने वाले मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया.
समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि वर्तमान समय कौशल विकास का दौर है. आज युवाओं के लिए तकनीकी शिक्षा और हुनर सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने कहा कि कौशल के माध्यम से ही बिहार को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है.
विकसित बिहार के लिए कौशल विकास जरूरी
शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समृद्ध बिहार बनाने का संकल्प लिया है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य निर्धारित किया है. इस लक्ष्य को पूरा करने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी.
उन्होंने कहा कि गोपालगंज का कुचायकोट क्षेत्र संभावनाओं से भरा हुआ है और यहां के युवाओं का भविष्य कौशल विकास से जुड़ा है. उन्होंने छात्रों से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की.
‘जो पढ़ेगा वही बढ़ेगा’ का दिया संदेश
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने युवाओं को ‘जो पढ़ेगा वही बढ़ेगा’ का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति और समाज के विकास का सबसे बड़ा माध्यम है.
उन्होंने बिहार की शिक्षा व्यवस्था में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि जिस बिहार की धरती को भगवान राम ने ज्ञान प्राप्ति के लिए चुना था, वहां एक समय शिक्षा व्यवस्था काफी कमजोर हो गई थी. लेकिन अब स्थिति बदल रही है. आज बिहार में इंजीनियरिंग कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार हो रहा है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बिहार में आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की स्थापना भी हुई है.
शिक्षकों के जबरन स्थानांतरण पर शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी शिक्षा मंत्री ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक का जबरन ट्रांसफर नहीं किया जाएगा. जो शिक्षक अपनी इच्छा से स्थानांतरण चाहते हैं, वही प्रक्रिया के तहत आवेदन करेंगे.
उन्होंने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि बिहार को शत-प्रतिशत शिक्षित बनाने का लक्ष्य सभी के सहयोग से ही पूरा होगा. व्यक्तिगत समस्याएं अपनी जगह हैं, लेकिन शिक्षा के व्यापक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी को मिलकर काम करना होगा.
मेधावी छात्रों को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम की शुरुआत पंडित वशिष्ठ त्रिपाठी और पंडित लव चौबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गयी. इसके बाद शिक्षा मंत्री ने आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न संस्थानों में चयनित छात्रों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
इस मौके पर लोजपा के जिलाध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, भाजपा नेता शिवकुमार उपाध्याय, चंद्रमोहन पांडेय, चंद्रेश सिंह, राजू कुशवाहा, प्रमुख प्रतिनिधि अखिलेश्वर सिंह, उपप्रमुख प्रतिनिधि जितेंद्र चौबे, राकेश तिवारी, विपुल सिंह, शक्तिनाथ तिवारी सहित संस्थान के शिक्षक, छात्र और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे.
