Gopalganj News : भोरे प्रखंड स्थित एफसीआई गोदाम से जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत बांटे जाने वाले अनाज में कीड़े मिलने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर सवाल उठने लगे हैं. गोदाम में रखे चावल में कीड़े दिखने का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने अनाज की गुणवत्ता को लेकर चिंता जतायी है. मामले की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और अनाज की सफाई व गुणवत्ता सुनिश्चित करने की प्रक्रिया शुरू की गयी है.
बोरों की ब्रशिंग और सफाई का काम जारी
असिस्टेंट गोदाम मैनेजर (एजीएम) गजेंद्र सिन्हा ने बताया कि कीड़े चावल के दानों के भीतर नहीं हैं, बल्कि बोरों की बाहरी सतह पर पाये गये हैं. उनके अनुसार बरसात और अधिक नमी के मौसम में गोदामों में इस तरह की फफूंद और कीट की समस्या सतह पर हो सकती है.
एजीएम ने कहा कि अनाज की गुणवत्ता को लेकर विभाग पूरी तरह सजग है. पूरे स्टॉक की ब्रशिंग और सफाई करायी जा रही है. सफाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अनाज पीडीएस डीलरों को भेजा जायेगा. उन्होंने कहा कि लाभुकों तक गुणवत्तापूर्ण राशन पहुंचाने में किसी तरह का समझौता नहीं किया जायेगा. साथ ही राइस मिलर पर कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र लिखा गया है.
जनप्रतिनिधियों ने जतायी चिंता
मामले को लेकर पैक्स अध्यक्ष राघव प्रसाद ने एजीएम को लिखित आवेदन देकर पीडीएस डीलरों को गुणवत्तापूर्ण और शुद्ध राशन उपलब्ध कराने की मांग की है. वहीं भाकपा माले नेता सुभाष पटेल और जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र चौहान ने भी राशन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और व्यवस्था में सुधार की मांग की है.
सीओ ने दिये जांच के आदेश
मामले की जानकारी मिलने के बाद भोरे के सीओ अनुभव राय ने संज्ञान लिया है. उन्होंने अनाज की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्देश दिया है. सीओ ने कहा कि यदि राइस मिलरों या किसी अन्य स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. उन्होंने गुणवत्ता मानकों का पालन हर हाल में सुनिश्चित करने की बात कही.
