Ravi Kishan : (मनीष राज) गोपालगंज में सांसद और फिल्म अभिनेता रवि किशन के नाम पर पैरवी करने पहुंचे तीन युवकों को उस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया. इस घटना की चर्चा पूरे जिले में होती रही.
डीएम के सामने करने लगे पैरवी
जानकारी के अनुसार बैंक से जुड़े एक मामले में कुछ युवक डीएम कार्यालय पहुंचे थे. बताया जाता है कि सरफेसी एक्ट के तहत बैंक द्वारा बासु गारमेंट को एक संपत्ति से संबंधित अधिकार दिए गए थे. इसी मामले में पैरवी करने के लिए युवक अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे.
सवाल पूछते ही खुलने लगी परतें
सूत्रों के अनुसार जब जिलाधिकारी ने युवकों से उनकी पहचान और मामले में उनकी भूमिका के बारे में पूछा, तो वे सांसद रवि किशन का नाम लेकर प्रभाव बनाने की कोशिश करने लगे. इसके बाद अधिकारियों को मामला संदिग्ध लगा.
एसडीओ ने तत्काल पुलिस को सौंपा
स्थिति को देखते हुए एसडीओ अनिल कुमार ने युवकों को हिरासत में लेकर नगर थाना पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने सभी को थाना ले जाकर विस्तृत पूछताछ की और उनके दावों की जांच शुरू की.
घंटों पूछताछ के बाद नहीं मिला आपराधिक लिंक
पुलिस जांच के दौरान युवकों के खिलाफ किसी प्रकार की आपराधिक गतिविधि या आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया. इसके बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें पीआर बांड पर छोड़ दिया.
रिहाई के बाद परिजनों ने ली राहत की सांस
युवकों की रिहाई के बाद उनके परिजनों ने राहत महसूस की. परिवार के लोगों ने बताया कि गलतफहमी की स्थिति उत्पन्न होने के कारण उन्हें पुलिस के हवाले किया गया था. मामले के शांतिपूर्ण निष्पादन के बाद परिजनों ने संतोष जताया.
Gopalganj News : प्रशासन ने दिया स्पष्ट संदेश
इस घटना के बाद प्रशासनिक हलकों में यह संदेश गया है कि किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि के नाम का उपयोग कर प्रभाव बनाने या अनुचित पैरवी करने की कोशिश को गंभीरता से लिया जाएगा. अधिकारियों ने कहा कि सभी मामलों का निपटारा नियम और कानून के अनुसार ही किया जाएगा.
