डेंगू के डंक ने ली पूर्व प्राचार्या की जान

गोपालगंज : जिले में डेंगू का डंक बेकाबू होते जा रहा है. डेंगू की चपेट में आने से एसएस बालिका प्लस टू स्कूल की पूर्व प्रभारी प्राचार्या प्रतिभा सिंह की मौत हो गयी, जबकि आठ अन्य लोगों में भी डेंगू का डंक पाया गया है. डेंगू से जिले में मरनेवालों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच […]

गोपालगंज : जिले में डेंगू का डंक बेकाबू होते जा रहा है. डेंगू की चपेट में आने से एसएस बालिका प्लस टू स्कूल की पूर्व प्रभारी प्राचार्या प्रतिभा सिंह की मौत हो गयी, जबकि आठ अन्य लोगों में भी डेंगू का डंक पाया गया है. डेंगू से जिले में मरनेवालों की संख्या बढ़कर आठ पहुंच चुकी है.

रोज नये मरीज मिल रहे हैं. न तो डेंगू के लार्वा को ढूंढ़ा जा रहा है और न ही नगर पर्षद गली- मुहल्लों में फॉगिंग कर रहा है. अकेले सरेया वार्ड नं 13 में तुषार कुमार, चंद्रा देवी, डॉ दीनानाथ शर्मा, आशीष कुमार, प्रकाश कुमार, भावना सोनी, सीताराम पंडित समेत आठ लोग डेंगू से पीड़ित हैं.
बता दें कि सरेया वार्ड नं 13 में पूर्व प्राचार्या प्रतिभा सिंह का आवास था. उनको 10 नवंबर को बुखार आया. 11 नवंबर को उन्होंने स्कूल में फोन कर बताया कि अब वे स्कूल नहीं आ पायेंगी. इस बीच उनकी मौत की खबर ने चारों तरफ शोक की लहर पैदा कर दी है.
जरा नगर पर्षद के दावे पर भी नजर डालें. मुख्य नगर पार्षद हरेंद्र चौधरी का दावा है कि दुर्गापूजा के बाद से ही शहर में लगातार फॉगिंग करायी जा रही है.
28 वार्डों में चौथे राउंड की फाॅगिंग का कार्य चल रहा है. दो टीमें फॉगिंग में जुटी हैं. फॉगिंग में अबतक 3.5 लाख रुपये खर्च किये जा चुके हैं, जबकि शहर के अधिकतर वार्ड के लोगों का दावा है कि उनके गली-मुहल्ले में फॉगिंग करायी ही नहीं गयी है.
जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ चंद्रिका साह ने बताया कि सरकारी अस्पताल में डेंगू से निबटने का इंतजाम है. डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं है. सिर्फ पारासिटामोल व परहेज से ही डेंगू पर काबू पाया जा सकता है.
गुरमा में डेंगू से हुई डेढ़ साल के बच्चे की मौत
उचकागांव. थाना क्षेत्र की सांखे खास पंचायत के गुरमा गांव के एक डेढ़ वर्षीय बच्चे की इलाज के क्रम में डेंगू से मौत हो गयी. मृतक की पहचान गांव के हरेंद्र प्रसाद बीन के बेटे हेमंत कुमार के रूप में की गयी है.
हरेंद्र प्रसाद ने अपने बेटे को सांखे खास के एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था, जहां से डॉक्टरों ने उसकी चिंताजनक हालत को देखते हुए गोपालगंज रेफर कर दिया गया. गोपालगंज से चिकित्सकों ने उसे पटना रेफर कर दिया था. पटना के एक निजी क्लिनिक में उसकी मौत हो गयी.
समाज कल्याण विभाग के डीपीओ की भी हुई थी मौत
पिछले वर्ष समाज कल्याण विभाग के डीपीओ संगीता कुमारी की मौत भी पिछले वर्ष डेंगू के काटने से हो गयी थी. इस वर्ष आठ लोगों की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूट रही है. कागजी तैयारी कर डेंगू से निबटने का दावा स्वास्थ्य विभाग कर रहा है.
सिसवनियां में नहीं कम हो रहा डेंगू का प्रकोप
उचकागांव. सिसवनिया गांव में डेंगू थमने का नाम नहीं ले रहा है. गांव में करीब दो दर्जन से अधिक लोग बुखार व शरीर में दर्द की शिकायत से परेशान थे. डेंगू से पीड़ित चल रहे मरीजों की पहचान श्रीकांत मिश्रा के बेटे अमित मिश्रा, जगदीश चौधरी की नतिनी खुशी कुमारी, रामप्रवेश पांडेय, झगन अंसारी की पत्नी मुन्नी खातून, जदयू महिला सेल की प्रखंड अध्यक्ष शकुंतला देवी, समृद्धि कुमारी सहित डेढ़ दर्जन से अधिक लोग शामिल हैं.

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