गोपालगंज : पूर्वोत्तर रेलवे के थावे-गोरखपुर-सीवान रेलखंड पर एक जोड़ी डीएमयू ट्रेनों का परिचालन बगैर सूचना के ही बंद कर दिया गया है. इससे लगभग 35 हजार यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. दूसरी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों में आक्रोश है. सीवान-गोरखपुर के बीच अब एकमात्र पाटलिपुत्र-गोरखपुर सवारी गाड़ी ही साधन है, जो रात के 11 बजे थावे जंक्शन पर पहुंचती है.
थावे-गोरखपुर रेलखंड पर चलने वाली डीएमयू ट्रेनें बंद
गोपालगंज : पूर्वोत्तर रेलवे के थावे-गोरखपुर-सीवान रेलखंड पर एक जोड़ी डीएमयू ट्रेनों का परिचालन बगैर सूचना के ही बंद कर दिया गया है. इससे लगभग 35 हजार यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गयी हैं. दूसरी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण यात्रियों में आक्रोश है. सीवान-गोरखपुर के बीच अब एकमात्र पाटलिपुत्र-गोरखपुर सवारी गाड़ी ही साधन […]

ट्रेनों के बंद होने के कारण यात्रियों को अब रात के 11 बजे तक इंतजार करना पड़ रहा है. महिला यात्रियों की मुश्किलें तो और बढ़ गयी हैं. थावे स्टेशन पर बरसात के इस मौसम में यात्रियों को ठहरने के लिए बेहतर वेटिंग रूम, गेस्ट रूम आदि भी नहीं है. गोरखपुर जाने वाली सवारी गाड़ी में काफी भीड़ होने के कारण कई यात्री छूट भी जा रहे हैं. यात्रियों की इस समस्या को लेकर जिले के सांसद, विधायकों ने भी चुप्पी साध ली है.
अनिश्चितकाल के लिए बंद हुई डीएमयू
रेल सूत्रों ने बताया कि 18 जुलाई से डीएमयू ट्रेन को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है. गोरखपुर से सीवान जाने वाली ट्रेन संख्या 75012, सीवान से कप्तानगंज जाने वाली 75009, कप्तानगंज से थावे डीएमयू 75010 तथा थावे से कप्तानगंज जाने वाली ट्रेन 75011 को बंद किया गया है.
थावे-गोरखपुर रेलखंड पर डीएमयू ट्रेन के बंद होने के कारण थावे से नरकटियां, सासामुसा, सिपाया, जलालपुर, तीनफेड़ियां, तरेया, तमकुहीरोड, गौरी श्रीराम, दूदही, चाफ हॉल्ट, कटकुइयां, पड़रौना, बड़हरागंज, रामकोला, लक्ष्मीगंज, कप्तानगंज जाना काफी मुश्किल हो गया है. यहां जाने के लिए सड़क मार्ग से कोई इंतजाम नहीं है.
वर्ष 2009 के पूर्व पांच जोड़ी ट्रेनों का होता था परिचालन
थावे-कप्तानगंज-सीवान के बीच वर्ष 2009 तक छोटी लाइन की ट्रेनों का परिचालन होता था. छोटी लाइन की पांच जोड़ी ट्रेनों के परिचालन होने से लोगों को इस रूट से यात्रा करना काफी आसान था. जब वर्ष 2011 में थावे-कप्तानगंज बड़ी रेल लाइन के रूप में तब्दील हुआ तो महज एक जोड़ी डीएमयू ट्रेन वर्ष 2013 से थावे- कप्तानगंज एवं सीवान-गोरखपुर के बीच शुरू हुई थी.
तकनीकी समस्या के कारण निरस्त हुईं ट्रेनें
तकनीकी समस्या के कारण 18 जुलाई को सूचना प्रकाशित कराने के बाद डीएमयू ट्रेनों को बंद किया गया है. इसके लिए रेलवे ने खेद भी प्रकट किया है. ट्रेनों का परिचालन कब होगा अभी बता पाना मुश्किल है.
महेश गुप्ता, पीआरओ, वाराणसी रेल मंडल