गया इंजीनियरिंग कॉलेज के स्टार्टअप सेल की ओर से मंगलवार को महाविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में 'पिच डेक प्रिपरेशन' विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया.
इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्टार्टअप के लिए प्रभावी पिच डेक तैयार करने, निवेशकों के समक्ष अपने व्यावसायिक विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने तथा उद्यमिता के प्रति जागरूक करना था.
कार्यक्रम की शुरुआत स्टार्टअप सेल के फैकल्टी इंचार्ज प्रो. लवकुश गुप्ता के स्वागत भाषण से हुई. उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
विशेषज्ञों ने दिए स्टार्टअप और निवेश से जुड़े जरूरी टिप्स
कार्यशाला की मुख्य वक्ता आइआइएम बोधगया के रणनीति एवं उद्यमिता विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. दीपिका आर.
गुप्ता ने प्रभावी पिच डेक तैयार करने की पूरी प्रक्रिया को समझाया. उन्होंने स्टोरीटेलिंग, बिजनेस मॉडल, बाजार विश्लेषण, ट्रैक्शन और बिजनेस ग्रोथ को निवेशकों के सामने प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी.
साथ ही, उन्होंने निवेशकों के समक्ष पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने स्टार्टअप आइडिया को रखने के व्यावहारिक सुझाव भी साझा किए.
वहीं, जिला स्टार्टअप समन्वयक सुशांत कुमार ने रेंजर पे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, पेमेंट गेटवे और स्टार्टअप्स के लिए डिजिटल वित्तीय समाधानों की उपयोगिता के बारे में बताया. इसके अलावा उन्होंने बिहार स्टार्टअप नीति के तहत युवाओं को मिलने वाली विभिन्न योजनाओं और वित्तीय सुविधाओं की भी विस्तृत जानकारी दी.
प्राचार्य और डीआईसी प्रबंधक की रही उपस्थिति
कार्यक्रम के अंत में जिला उद्योग केंद्र (DIC) गया के परियोजना प्रबंधक अमित कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया. महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. द्वारका दास नीमा के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.
प्राचार्य ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक स्टार्टअप गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करें और अपने नवाचारी विचारों को एक सफल उद्यम के रूप में विकसित करें.
