गया जी के बाराचट्टी प्रखंड अंतर्गत शोभ से धनगांईं रोड की बदहाली इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत की राह बनी हुई है. इस मुख्य मार्ग पर झांझी मोड़ से लेकर महुगांई के निकट तक सड़क के दोनों किनारों झाड़ियों का साम्राज्य स्थापित हो चुका है.
झाड़ियों और घास-फूस के कारण पूरा रास्ता अब हादसों को दावत दे रहा है. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से गुजरना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है.
तीखे मोड़ों पर आमने-सामने की गाड़ियों का नहीं दिखना
सबसे बड़ी समस्या सड़क पर मौजूद तीखे मोड़ों के पास उत्पन्न हो गई है. झाड़ियां इतनी घनी हो चुकी हैं कि मोड़ पर सामने से आ रही गाड़ियां बिल्कुल दिखाई नहीं देती हैं.
आमने-सामने से आने वाले वाहनों के चालक एक-दूसरे को तब तक नहीं देख पाते, जब तक कि वे बिल्कुल करीब न आ जाएं. ऐसी स्थिति में अचानक ब्रेक लगाने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं.
इस मार्ग पर हर वक्त खतरे की घंटी बजती रहती है, जिससे राहगीर हमेशा खौफ के साये में सफर करने को मजबूर हैं. यह सड़क क्षेत्र के कई गांवों को आपस में जोड़ती है, जिसके कारण दिनभर यहां से सैकड़ों गाड़ियों का आवागमन होता है. स्कूल जाने वाले बच्चे, बुजुर्ग और रोज कमाने-खाने वाले मजदूर इसी रास्ते से गुजरते हैं.
रात के समय स्थिति और भी भयानक हो जाती है क्योंकि स्ट्रीट लाइट की कमी और झाड़ियों के अंधेरे में तीखे मोड़ का अंदाजा लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता है.
प्रशासन की अनदेखी और जहरीले जीवों का खतरा
ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या से पूरी तरह अनजान बना हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग किसी बड़ी अनहोनी या जानमाल के नुकसान का इंतजार कर रहा है.
यदि समय रहते इन सड़कों के किनारे से झाड़ियों को साफ नहीं कराया गया, तो यहां कभी भी कोई बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता है. यह समस्या सिर्फ यातायात तक सीमित नहीं है, बल्कि इन झाड़ियों में जहरीले जीवों का भी डेरा रहता है, जिससे पैदल चलने वालों को हमेशा डंसने का डर लगा रहता है.
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ग्रामीणों की मांग और सुरक्षा के उपाय
इस संबंध में जागरूक ग्रामीणों ने सामूहिक आवाज उठाते हुए जिला प्रशासन और बाराचट्टी बीडीओ से झाड़ियां हटाने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए झांझी मोड़ से महुगांई के निकट तक की झाड़ियों की सफाई कराई जाए.
साथ ही तीखे मोड़ों पर दुर्घटना से बचने के लिए सांकेतिक बोर्ड और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि भविष्य में होने वाले हादसों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके और लोगों का सफर सुरक्षित हो सके.
