Gaya News: गया रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों का रूट बदला, इस वजह से देर से चली महाबोधि एक्सप्रेस

Gaya News: कष्ठा रेलवे स्टेशन के पास यार्ड रिमॉडलिंग का काम शुरू हो गया है. इस वजह से कई ट्रेनों के मार्ग में परिवर्तन किया गया है.

Gaya News: गया-डीडीयू रेलखंड स्थित कष्ठा रेलवे स्टेशन के पास यार्ड रिमॉडलिंग का काम शुरू होने के कारण कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है. वहीं कुछ ट्रेनों का परिचालन दूसरे मार्गों से करते हुए गया तक ही किया जा रहा है. इस कारण यात्रियों को रेल सफर करने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. दूसरी ओर शनिवार को गया से नयी दिल्ली जानेवाली गाड़ी संख्या 12397 गया-नयी दिल्ली महाबोधि एक्सप्रेस गया रेलवे स्टेशन से 15 मिनट पुनर्निधारित कर चलायी गयी. इसके अलावा गाड़ी संख्या 63289 गया-डेहरी ऑन सोन पैसेंजर गया रेलवे स्टेशन से 30 मिनट पुनर्निधारित समय से खुली. इस संबंध में पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र ने बताया कि कष्ठा रेलवे स्टेशन के पास यार्ड रिमॉडलिंग का काम खत्म करने के लिए कुछ ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है. वहीं कुछ ट्रेनों को री-शेड्यूल किया गया है.

री-शेड्यूल कर चलायी गयीं ट्रेनें

  • गया से खुलने वाली गाड़ी सं 12397 महाबोधि एक्सप्रेस गया से 15 मिनट पुनर्निधारित कर चलायी गयी.
  • गया से खुलने वाली गाड़ी संख्या 63289 गया-डेहरी ऑन सोन पैसेंजर गया से 30 मिनट पुनर्निधारित कर चलायी गयी.
  • हावड़ा से खुलने वाली गाड़ी संख्या 12353 हावड़ा-लालकुंआ एक्सप्रेस धनबाद और गया के मध्य 90 मिनट नियंत्रित कर चलायी गयी.
  • वाराणसी से खुलने वाली गाड़ी संख्या 13554 वाराणसी- आसनसोल एक्सप्रेस डीडीयू और परैया के मध्य 120 मिनट नियंत्रित कर चलायी गयी.

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इस रास्ते से चलीं ये ट्रेनें

  • गाड़ी संख्या 20887 रांची-वाराणसी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग गया-पटना-पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन के रास्ते चली.
  • वाराणसी से खुलने वाली गाड़ी संख्या 13554 वाराणसी-आसनसोल को पंडित दीन दयाल उपाध्याय-परैया रेलखंड के बीच चलायी गयी.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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