जैविक उत्पादों की बिक्री में सहयोग करेगा कृषि विभाग : डीएओ

किसान मेले में जैविक उत्पाद क्रेता व विक्रेता गोष्ठी का आयोजन

किसान मेले में जैविक उत्पाद क्रेता व विक्रेता गोष्ठी का आयोजन

मुख्य संवाददाता, गया जी. बाजार समिति परिसर चंदौती में आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह जैविक प्रदर्शनी के दूसरे दिन गुरुवार को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना चिंतन शिविर के तहत जैविक उत्पाद क्रेता व विक्रेता गोष्ठी का आयोजन किया गया. इस गोष्ठी में केदारनाथ बाजार समिति के थोक विक्रेता प्रिंशु निर्मल व टिंकू कुमार, किसान उत्पादक समूह के सदस्य शशि कुमार व आशुतोष कुमार और जैविक खेती करने वाले किसान व कृषि विभाग के जिला व प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों ने भाग लिया. क्रेताओं ने प्रामाणिक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराने पर बाजार उपलब्ध रहने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि बाजार में अभी अलग से जैविक उत्पादों विशेष कर मौसमी सब्जियों को बेचने की व्यवस्था नहीं है. यद्यपि बहुत से जागरूक ग्राहक जैविक आलू, प्याज, बैगन, गोभी, टमाटर आदि की मांग करते हैं. जैविक उत्पादक विक्रेता सह महुआर नवादा के रहने वाले किसान जीवेश यादव मानपुर ने कहा कि वह पिछले तीन वर्ष से अधिक समय से प्राकृतिक तरीके से सब्जियों की खेती कर रहे हैं. वे किसान मेले में सभी जैविक सब्जियों जैसे बैंगन, टमाटर, फ्रेंच बीन्स, मेथी साग, पालक साग, लाल साग, गाजर आदि लेकर पहुंचे, जो तुरंत बिक गये. लेकिन, इसका प्रीमियम मूल्य नहीं मिलता है और सामान्य बाजार में बेचने पर ग्राहक जैविक सब्जियों के लिए थोड़ा-बहुत भी ज्यादा पैसा नहीं देते हैं.

जिले में 10 बायो रिसाेर्स सेंटर स्थापित

जिला कृषि पदाधिकारी (डीएओ) संजीव कुमार ने कहा कि जिले में राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन योजना को संचालित किया जा रहा है. इसमें 15 क्लस्टर में 1875 एकड़ में प्राकृतिक खेती करायी जा रही है. इस योजना से 10 बायो रिसाेर्स सेंटर स्थापित किये गये हैं, जहां से किसान बहुत ही आसानी से सस्ती दर पर प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटक जैसे जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क आदि क्रय करके अपने खेतों में उपयोग कर सकते हैं. इस योजना से जुड़े किसानों के उत्पादों का जैविक प्रमाणीकरण कृषि विभाग की ओर से कराने के साथ ही जैविक व प्राकृतिक उत्पादों को बेहतर दर पर बिक्री की व्यवस्था करायी जा रही है. कृषि विभाग की ओर से किसानों के उत्पादों की बिक्री के लिए कृषि विपणन निदेशालय को गठित कर जिलास्तर पर बिजेश कुमार को जिला कृषि विपणन पदाधिकारी (मोबाइल नंबर-9162624811) के रूप में पदस्थापित किया गया है. साथ ही जैविक खेती के लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी (जैविक) आकृति (मोबाइल नंबर-6388424337) पदस्थापित हैं. जैविक खेती एवं विपणन की किसी भी प्रकार की समस्या के लिए किसान सीधे इनसे संपर्क कर सकते हैं.

गाय का शुद्ध घी, गोबर व गौमूत्र से बनी औषधियों का प्रदर्शन

किसान मेले के दूसरे दिन गुरुवार को बोधगया के मटिहानी में 250 गीर गाय की गौशाला से जैविक दुग्ध उत्पादन कर रहे ब्रजेंद्र कुमार चौबे ने प्रदर्शनी में गाय का शुद्ध घी के साथ गौमूत्र व गोबर से बनी तरह-तरह की औषधियों को प्रदर्शित किया. उन्होंने बताया कि देशी गाय के गोबर व गौमूत्र का उपयोग कर शून्य लागत पर खेती की जा सकती है. उनका देशी घी 3000 रुपये किलो बिकता है, जबकि दूध 140 रुपये लीटर है. वे देशी बीज से काला नमक, बासमती चावल, सोनामोती व खापली गेहूं की खेती करते हैं, जो बाजार में 100 से 200 रुपये किलो में बिकता है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण जैविक उत्पादों को बेचने में कोई समस्या नहीं होती है. सभी किसानों को एकजुट होकर जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाना चाहिए.

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By Roshan Kumar

Roshan Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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