Mysterious Tree In Bihar: बिहार के इस जिले में पेड़ के तने से झर-झर गिरता है पानी, क्या है रहस्य? लोगों के लिए बना पिकनिक स्पॉट

Mysterious Tree In Bihar: बिहार के गयाजी जिले में एक ऐसा पेड़ है, जिसके तने से झर-झर पानी गिरता है. लोगों के लिए यह चीज एक अनसुलझी पहेली की तरह है. आज वह जगह लोगों के लिए पिकनिक स्पॉट बन चुका है. यहां का नजारा भी बेहद रोमांचक है. वहीं, तने से पानी गिरने के पीछे क्या रहस्य है, यह जानते हैं...

Mysterious Tree In Bihar: पहाड़ों से पानी गिरने की बात तो आपने कई बार सुनी होगी. लेकिन, पेड़ के तने से भी झरने की तरह पानी गिरते हैं, क्या ऐसा आपने सुना है. जी हां, बिहार के गया जिले में एक ऐसा ही पेड़ है जिसके तने से झर-झर पानी गिरता है. हालांकि, इसके पीछे का रहस्य क्या है, यह भी हम जानेंगे. जिले के टनकुप्पा प्रखंड के महेर पहाड़ पर एक अनोखा नजारा देखने के लिए मिलता है.

गुलर के पेड़ से निकलता है पानी

जानकारी के मुताबिक, यहां एक गूलर का पेड़ है, जिसके तने से पानी गिरता रहता है. यहां का नजारा बेहद आकर्षक है. यही वजह है कि लोगों के लिए यह जगह पिकनिक स्पॉट बन चुका है. इतना ही नहीं, यह जगह एक टूरिस्ट प्लेस की तरह बनता जा रहा है. यहां काफी संख्या में लोग ठंडे पानी का आनंद और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंचते हैं.

जंगल-झाड़ियों से होकर जाता है रास्ता

यहां पहुंचने के लिए रास्ता भी बेहद मनोरम है. जानकारी के मुताबिक, चैनपुर गांव के पास से इस झरने तक पहुंचने का रास्ता शुरू होता है. यहां तक पहुंचने का आनंद तब आता है जब जंगल और झाड़ियों से होते हुए जाना पड़ता. यह रास्ता थोड़ा कठिन तो जरूर होता है लेकिन काफी रोमांच भरा भी होता है. करीब 30 मिनट तक चढ़ाई करने के बाद झरने तक पहुंचा जाता है.

लोगों को करता है आकर्षित

कठिन पहाड़ियों से होकर गुजरने के बाद गुलर के पेड़ तक लोग पहुंचते हैं. जहां यह नजारा देखने के लिए मिलता है कि पहाड़ नहीं बल्कि गुलर के पेड़ के तने से झर-झर पानी निकल रहा है. यह नजारा इतना खूबसूरत है कि, लोग इसकी तरफ आकर्षित होते जाते हैं.

तने से पानी गिरने का ये है रहस्य…

गुलर के पेड़ के तने से पानी गिरने को लेकर बताया जाता है कि पहाड़ से आने वाला पानी गूलर के पेड़ के खोखल से होकर बाहर निकलता है और झरने का रूप ले लेता है. दरअसल, वर्षों से यहां ऐसा नजारा देखने के लिए मिलता है. काफी दूर-दूर से लोग इस जगह का आनंद लेने के लिए भी पहुंचते हैं.

पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की डिमांड

कहा जाता है कि, यहां बेहद खूबसूरत प्राकृतिक नजारा है. पहाड़ों और झाड़ियों की हरियाली के कारण लोग आकर्षित होते हैं. इस जगह पर सड़क, सीढ़ी और यात्री शेड जैसी अन्य सुविधाओं को अगर डेवलप किया जाए तो यह एक सुंदर सा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है. हालांकि, फिलहाल तो यहां तने से झरने की तरह निकलता पानी लोगों को आकर्षित कर रहा.

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लेखक के बारे में

Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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