फोटो- गया बोधगया 210- सीयूएसबी कैंपस की लाइटिंग से की गयी सजावट
सिक्किम व मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद के साथ ही कई विश्वविद्यालयों के कुलपति होंगे शामिल
वरीय संवाददाता, गया जी
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) शुक्रवार को अपना स्थापना दिवस मनाने के लिए पूरी तरह तैयार है. कुलपति प्रो कामेश्वर नाथ सिंह के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय पंचानपुर के निकट स्थित अपने 300 एकड़ में फैले स्थायी परिसर में आयोजित शिलान्यास समारोह की स्मृति में यह स्थापना दिवस मना रहा है. इस भव्य आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कुलपति प्रो केएन सिंह ने कहा कि यह विशेष अवसर उत्कृष्टता, नवाचार और सामूहिक विकास की हमारी यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिक्किम एवं मेघालय के पूर्व राज्यपाल गंगा प्रसाद मौजूद रहेंगे. अन्य विशिष्ट अतिथियों में गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय, जमुहार के कुलाधिपति गोपाल नारायण सिंह विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग के कुलपति प्रो. चंद्रभूषण शर्मा, मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो शशि प्रताप शाही तथा बिहार खेल विश्वविद्यालय, राजगीर के कुलपति शिशिर सिन्हा शामिल होंगे. पीआरओ मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में अतिथि व्याख्यान, सीयूएसबी की गौरव गाथा प्रदर्शनी, विभागीय उपलब्धि प्रदर्शनी, पारंपरिक खेल प्रदर्शनी, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, विद्यालयी छात्रों का भ्रमण, एग्रो टूर तथा फूड जंक्शन शामिल हैं. इस कार्यक्रम का समापन सायंकाल में विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से प्रस्तुत सांस्कृतिक संध्या के साथ होगा.
वर्ष 2009 में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा
उल्लेखनीय है कि सीयूएसबी ने केंद्रीय विश्वविद्यालय बिहार के नाम से मार्च 2009 में राजधानी पटना के हिंदी भवन में अपने कार्यालय के साथ अपने सफर का आगाज किया. वर्ष 2009 में ही बीआइटी पटना के किराये के परिसर से विकास अध्ययन में एमए कार्यक्रम के साथ विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा शुरू हुई. वर्ष 2013 में विश्वविद्यालय ने गया जी में एक अन्य शाखा स्थापित कर बीए, बीएससी बीएड, बीए एलएलबी आदि पाठ्यक्रमों की शुरुआत की. 27 फरवरी 2014 को पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने संस्थापक कुलपति प्रो जनक पांडेय व अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर का शिलान्यास किया. जुलाई 2017 में विश्वविद्यालय 300 एकड़ में फैले अपने स्थायी परिसर में स्थानांतरित हुआ तथा वर्ष 2018 से यहां शैक्षणिक गतिविधियां प्रारंभ हुईं. बिहार के साथ-साथ देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र में शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रसिद्ध इस विश्वविद्यालय को नैक की ओर से ए प्लस ग्रेड, यूजीसी श्रेणी-वन विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त है. इसे एनआइआरएफ रैंकिंग में भी स्थान प्राप्त हुआ है.
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