आठ साल पुराने दहेज हत्या मामले में साक्ष्य के अभाव में पति बरी, शेरघाटी कोर्ट ने सुनाया फैसला

शेरघाटी की अदालत ने आठ साल पुराने दहेज हत्या मामले में साक्ष्य के अभाव में मुख्य आरोपी पति पंकज कुमार सिंह को बरी कर दिया है। जानिए पूरा मामला।

गया जी के आमस थाना क्षेत्र के नारायणपुर गांव में विवाहिता की कथित दहेज हत्या से जुड़े आठ वर्ष पुराने मामले में शेरघाटी की एडीजे-1 अदालत ने गुरुवार को मुख्य अभियुक्त पंकज कुमार सिंह को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया. यह फैसला एडीजे-1 लवकुश कुमार की अदालत ने सुनाया.

प्राथमिकी और अभियोजन के आरोप

अभियोजन के अनुसार, नारायणपुर गांव की विवाहिता सालवी कुमारी की कथित रूप से जहर देकर हत्या कर दी गई थी. इस मामले में मृतका की मां मंजू देवी, पति दीनदयाल सिंह, निवासी पहाड़पुर, थाना मदनपुर (औरंगाबाद) ने आमस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि दहेज की मांग को लेकर उनकी बेटी को लगातार प्रताड़ित किया जाता था और बाद में उसे जहर देकर मार दिया गया. मामले में मृतका के पति पंकज कुमार सिंह को मुख्य अभियुक्त बनाया गया था.

बचाव पक्ष की दलील और अदालत का निर्णय

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता अजय कुमार श्रीवास्तव ने अदालत के समक्ष दलील दी कि अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस एवं पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध करने में विफल रहा. उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के बाद अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए पंकज कुमार सिंह को दोषमुक्त कर बरी कर दिया.

लंबित मामले का न्यायिक पटाक्षेप

दालत के इस फैसले के साथ वर्ष 2018 से लंबित इस दहेज हत्या मामले पर अंतिम फैसला आ गया.


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By Prabhat khabar news desk

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