Pitru Paksha Mela : गया पितृपक्ष मेला के लिए लॉन्च हुआ 'पिंडदान गया जी' एप, अब एक क्लिक में पंडा से यात्रा की मिलेगी हर जानकारी

गया में पितृपक्ष मेले की तैयारी पूरी हो गई है. जिला प्रशासन ने 'पिंडदान गया जी' नामक मोबाइल ऐप और वेबसाइट लॉन्च की है, जिससे श्रद्धालु पिंडदान, ठहरने और यातायात जैसी सभी आवश्यक जानकारी घर बैठे पा सकते हैं. यह डिजिटल पहल तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाएगी.

Pitru Paksha Mela : गया में पितृपक्ष मेले के शुरूहोने से पहले देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जिला प्रशासन ने डिजिटल व्यवस्था को मजबूत किया है. प्रशासन ने 'पिंडदान गया जी' नाम से वेबसाइट और मोबाइल एप लॉन्च किया है. इसका मकसद तीर्थयात्रियों को मेले से जुड़ी जरूरी और आधिकारिक जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराना है.

अब श्रद्धालु घर से निकलने से पहले ही पिंडदान से जुड़ी जानकारी, रहने की व्यवस्था, पंडा, होटल, यातायात और दूसरी जरूरी सुविधाओं के बारे में जानकारी ले सकेंगे. मोबाइल एप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है. वहीं, pinddaan-gaya.bihar.gov.in वेबसाइट भी लाइव कर दी गयी है.

घर बैठे कर सकेंगे ऑनलाइन पंजीकरण

'पिंडदान गया जी' एप और वेबसाइट के जरिए श्रद्धालुओं को घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा मिलेगी. इसके साथ ही अलग-अलग वेदियों और वहां होने वाले दैनिक अनुष्ठानों से जुड़ी जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करायी गई है.

श्रद्धालुओं के लिए पंडा की जानकारी के साथ टेंट सिटी, सरकारी आवासन, होटल और अतिथि गृहों की क्षमता और संपर्क की जानकारी भी दी गयी है. इससे गया पहुंचने वाले लोगों को ठहरने की व्यवस्था तलाशने में आसानी होगी.

क्या ऐप है?

जानकारी के अनुसार यह Pind Daan Gaya Ji मोबाइल ऐप तीर्थयात्रियों के लिए एक डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा. ऐप को इस प्रकार तैयार किया गया है कि तीर्थयात्री यात्रा से पहले और गयाजी पहुंचने के बाद भी इसका पूरा लाभ ले सकें.

इससे मेला क्षेत्र में रहते हुए भी लोग अपने मोबाइल फोन से आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. इस ऐप और वेबसाइट के माध्यम से तीर्थयात्रियों को एक क्लिक में पिंडदान एवं धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी प्रामाणिक जानकारी एक ही जगह मिल जाएगी.

डीएम ने बताया आई 'हेल्प यू' की सुविधा

पितृपक्ष मेला शुरू होने में अब 4 दिन शेष बचे हैं. इससे पहले प्रशासनिक स्तर से की गई विशेष तकनीकी तैयारियों का ट्रायल भी शुरू हो चुका है. गया डीएम शशांक शुभंकर ने बताया कि इस बार तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए कई विशेष कदम उठाए जा रहे हैं. पहली बार जिस प्रदेश के तीर्थयात्री होंगे, उनकी स्थानीय भाषा में 'मे आई हेल्प यू' डेस्क कनेक्ट करेगा. इससे दूसरे राज्यों के लोग अपनी समस्याओं का समाधान अपनी भाषा में करा पाएंगे.

एआई फीचर के साथ गूगल ट्रांसलेटर की सुविधा

डीएम ने बताया कि पहली बार बहुभाषीय सुविधा को विशेष रूप से शामिल किया गया है. अलग-अलग राज्यों एवं देशों से आने वाले श्रद्धालुओं की भाषा अलग होने के कारण उन्हें जानकारी प्राप्त करने में परेशानी होती है. इस लिए पहली बार एआई फीचर के साथ गूगल ट्रांसलेटर (Google Translator) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. इससे मेला क्षेत्र में संचालित काउंटरों पर आवश्यकता के अनुसार गूगल ट्रांसलेटर (Google Translator) डिवाइस के माध्यम से अलग-अलग भाषा बोलने वाले तीर्थयात्रियों को जानकारी दी जाएगी.

ट्रेन से लेकर लोकल ट्रांसपोर्ट तक की जानकारी

पितृपक्ष मेले के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु ट्रेन और हवाई मार्ग से गया पहुंचते हैं. इसे देखते हुए एप और वेबसाइट पर रेलवे की समय-सारणी और हवाई अड्डे से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध करायी गयी है.

इसके अलावा लोकल ट्रांसपोर्ट, पार्किंग स्थल और किराया सूची का विवरण भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया गया है. यानी गया पहुंचने के बाद कहां जाना है और वहां पहुंचने के लिए किस तरह की सुविधा मिलेगी, इसकी जानकारी भी श्रद्धालु पहले से देख सकेंगे.

खोया-पाया से लेकर इमरजेंसी कॉल तक की सुविधा

पितृपक्ष मेले में भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने खोया-पाया सुविधा को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा है. किसी व्यक्ति के लापता होने की स्थिति में रिपोर्ट दर्ज कराने और उसकी अपडेट लेने में इससे मदद मिलेगी.

आपात स्थिति के लिए पुलिस, अस्पताल, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और हेल्पलाइन नंबर भी एप पर उपलब्ध कराये गये हैं. इसके अलावा एप में क्विक इमरजेंसी कॉल का फीचर भी दिया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर श्रद्धालु तुरंत संबंधित आपातकालीन सेवा से संपर्क कर सकेंगे.

इस डिजिटल पहल के जरिए जिला प्रशासन ने पितृपक्ष मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को जरूरी जानकारी और सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की कोशिश की है. इससे गया आने वाले तीर्थयात्रियों को यात्रा की तैयारी से लेकर मेले के दौरान जरूरी सुविधाओं की जानकारी लेने में सहूलियत होगी.

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By रागिनी शर्मा

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पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

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